मसालों में पड़ रही हैं गांठें? नमी और भाप हो सकती है इसकी वजह।

किचन में रखे हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, दालचीनी या दूसरे पिसे हुए मसालों में छोटी-छोटी गांठें पड़ना आम समस्या है। खासकर बारिश या ज्यादा नमी वाले मौसम में मसाले जल्दी नमी सोख लेते हैं। खाना बनाते समय उठने वाली भाप और गीले चम्मच का इस्तेमाल भी इसकी बड़ी वजह हो सकता है।
हालांकि, मसाले में गांठें पड़ने का मतलब हर बार यह नहीं होता कि वह खराब हो गया है। अगर रंग, खुशबू और स्वाद सामान्य है और फफूंदी के कोई संकेत नहीं हैं, तो मसाले को सही तरीके से छानकर दोबारा स्टोर किया जा सकता है। आइए जानते हैं मसालों को नमी और गांठों से बचाने के आसान तरीके।
मसालों में गांठें क्यों पड़ती हैं?
पिसे हुए मसालों के कण बहुत छोटे होते हैं और वे वातावरण से नमी आसानी से सोख सकते हैं। जैसे ही मसाले में थोड़ी नमी पहुंचती है, पाउडर के कण आपस में चिपकने लगते हैं और धीरे-धीरे छोटी या बड़ी गांठें बनने लगती हैं। किचन में खाना पकाते समय उठने वाली भाप इस समस्या को और बढ़ा सकती है। अगर मसाले का डिब्बा गर्म कढ़ाही या उबलते हुए खाने के ठीक ऊपर खोलकर रखा जाए, तो भाप कंटेनर के अंदर जा सकती है। इसके अलावा गीला चम्मच, खुला पैकेट, ढक्कन का ठीक से बंद न होना और नमी वाली जगह पर मसाले रखना भी इसकी वजह बन सकता है।
क्या गांठें पड़ने का मतलब मसाला खराब है?
सिर्फ गांठें पड़ने से यह साबित नहीं होता कि मसाला खराब हो गया है। अगर मसाले का रंग और खुशबू सामान्य है और उसमें फफूंदी या किसी तरह का असामान्य बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है, तो उसे सावधानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर मसाले से अजीब या बासी गंध आने लगे, उसका रंग असामान्य रूप से बदल जाए, उसमें फफूंदी दिखाई दे या वह लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहा हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
खाने की सुरक्षा के मामले में संदेह होने पर मसाले को फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प है।
छोटी गांठों को कैसे हटाएं?
अगर मसाले में सिर्फ छोटी-छोटी गांठें बनी हैं और खराब होने के कोई संकेत नहीं हैं, तो उन्हें साफ और सूखे चम्मच के पिछले हिस्से से हल्के हाथ से तोड़ा जा सकता है। अगर गांठें ज्यादा हैं, तो मसाले को एक साफ और सूखी प्लेट या बर्तन में निकालकर महीन छलनी से छान सकते हैं। इससे बड़े टुकड़े अलग हो जाएंगे और मसाला फिर से बारीक हो जाएगा।
इसके बाद मसाले को पूरी तरह सूखे और एयरटाइट कंटेनर में भर दें।
ध्यान रखें: मसाले को निकालने या गांठें तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चम्मच बिल्कुल सूखा होना चाहिए।
मसालों को गांठों से बचाने के 4 सीक्रेट किचन टिप्स
1. हमेशा एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें
मसालों को लंबे समय तक सूखा रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें अच्छी तरह बंद होने वाले एयरटाइट कंटेनर में रखा जाए। अगर मसाले खुले पैकेट या ऐसे डिब्बे में रखे हैं जिसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता, तो हवा के साथ नमी भी अंदर पहुंच सकती है। इससे मसाले जल्दी चिपकने लगते हैं।
मसाला भरने से पहले कंटेनर को अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सुखा लें।
2. गर्म खाने या कढ़ाही के ऊपर से मसाला न डालें
यह एक छोटी सी आदत मसालों में नमी पहुंचाने की बड़ी वजह बन सकती है। कई लोग मसाले का डिब्बा सीधे गैस पर रखी गर्म कढ़ाही के ऊपर ले जाकर मसाला डालते हैं। इससे उठने वाली भाप डिब्बे के अंदर पहुंच सकती है।
बेहतर है कि थोड़ी मात्रा में मसाला किसी सूखी छोटी कटोरी या चम्मच में निकालकर इस्तेमाल करें। इससे मुख्य मसाले का डिब्बा भाप से सुरक्षित रहेगा।
3. गीले चम्मच का इस्तेमाल बिल्कुल न करें
मसाले के कंटेनर में गीला चम्मच डालना नमी पहुंचने का सीधा रास्ता है। इसलिए हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। अगर चम्मच को धोया है, तो उसे अच्छी तरह सुखाने के बाद ही मसाले के डिब्बे में डालें। यह छोटी सी सावधानी मसालों को लंबे समय तक सूखा रखने में मदद कर सकती है।
4. मसालों को सही जगह पर रखें
मसालों को सिंक, गैस स्टोव या ऐसी जगह के पास रखने से बचें जहां लगातार भाप और नमी रहती हो।
मसालों के लिए ठंडी, सूखी और अपेक्षाकृत अंधेरी जगह बेहतर होती है। डिब्बों को धूप, गर्मी और नमी से दूर रखें।
खासकर बारिश के मौसम में मसालों को स्टोर करने की जगह पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।
किन मसालों में ज्यादा गांठें पड़ सकती हैं?
बारीक पिसे हुए मसाले आमतौर पर नमी जल्दी पकड़ते हैं। इनमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर, लहसुन पाउडर, प्याज पाउडर, दालचीनी पाउडर और पपरिका जैसे मसाले शामिल हैं। कुछ मसालों में प्राकृतिक तेल भी होते हैं, जिनकी वजह से समय के साथ पाउडर के कण आपस में चिपक सकते हैं।
इसके मुकाबले साबुत मसालों में नमी से गांठ बनने की समस्या आमतौर पर कम दिखाई देती है। हालांकि, उन्हें भी नमी और गर्मी से बचाकर रखना जरूरी है।
क्या मसालों को फ्रिज में रखना चाहिए?
आमतौर पर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सूखे मसालों को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती। अगर उन्हें एयरटाइट कंटेनर में सही जगह पर रखा जाए तो वे अच्छी तरह स्टोर हो सकते हैं।
बार-बार कंटेनर को फ्रिज से बाहर निकालने और अंदर रखने से तापमान में बदलाव के कारण नमी या कंडेनसेशन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में सूखी और ठंडी जगह पर एयरटाइट स्टोरेज बेहतर विकल्प है।
मसाले खरीदते समय भी रखें इन बातों का ध्यान
मसालों को लंबे समय तक अच्छा रखने की शुरुआत खरीदारी से ही होती है। जरूरत से ज्यादा मात्रा में मसाले खरीदकर लंबे समय तक स्टोर करने से बचें। पैक खोलने के बाद उसे अच्छी तरह बंद रखें और संभव हो तो एयरटाइट कंटेनर में ट्रांसफर कर दें। साथ ही समय-समय पर मसालों की खुशबू, रंग और स्थिति की जांच करते रहें।
पुराने और नए मसाले को एक ही कंटेनर में मिलाने से भी बचना चाहिए। नया मसाला डालने से पहले पुराने कंटेनर को साफ और पूरी तरह सूखा लेना बेहतर है।
इन संकेतों पर मसाला तुरंत फेंक दें
अगर मसाले में सिर्फ हल्की गांठें हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन नीचे दिए गए संकेत दिखाई दें तो उसे इस्तेमाल न करें:
- मसाले में फफूंदी दिखाई दे।
- असामान्य या बासी गंध आने लगे।
- रंग में काफी बदलाव हो जाए।
- मसाला लंबे समय तक गीला या बहुत ज्यादा नम रहा हो।
- कीड़े या किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे।
ऐसी स्थिति में गांठें तोड़कर या मसाले को छानकर इस्तेमाल करने की कोशिश न करें।
Disclaimer: यह लेख सामान्य घरेलू जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। मसालों की गुणवत्ता, खराब होने के संकेत और सुरक्षित उपयोग से जुड़ी स्थिति अलग-अलग हो सकती है। किसी मसाले में फफूंदी, असामान्य गंध, रंग में बदलाव या खराब होने के अन्य संकेत दिखाई दें तो उसका इस्तेमाल न करें। जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ की सलाह लें।
