
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के नतीजों में एक बार फिर मध्य प्रदेश की सफाई में अग्रणी भूमिका सामने आई है। राजधानी दिल्ली में गुरुवार को घोषित हुए परिणामों में इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह लगातार आठवीं बार है जब इंदौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस बार इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में भी शामिल किया गया था, जिसमें देश के उन 23 शहरों को जगह दी गई है, जो अब तक के सर्वेक्षणों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रह चुके हैं।
इसके साथ ही, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल ने भी खुद को साबित किया और देश की सबसे स्वच्छ राजधानी घोषित की गई। भोपाल को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला, जबकि इस कैटेगरी में पहला स्थान गुजरात के अहमदाबाद को मिला।
भोपाल की महापौर मालती राय ने इस मौके पर कहा कि यह शहरवासियों और स्वच्छता मित्रों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। भोपाल में इस उपलब्धि को लेकर भव्य जश्न का आयोजन किया जाएगा और लड्डू बांटकर नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के इन शहरों की भी रही दमदार मौजूदगी – स्वच्छता सर्वेक्षण 2024
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में मध्य प्रदेश के कई अन्य शहरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उज्जैन, देवास, बुधनी, शाहगंज, जबलपुर और ग्वालियर को भी अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला है।

- देवास को 50 हजार से 3 लाख आबादी वाले शहरों में देश में पहला स्थान मिला।
- जबलपुर, जो पहले 13वें स्थान पर था, अब सीधे देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। यह शहर के लिए एक ऐतिहासिक पल है।
- उज्जैन को 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की सुपर स्वच्छ लीग श्रेणी में अवॉर्ड मिला है।
उज्जैन के निगमायुक्त आशीष पाठक ने कहा कि हमने एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को बेहतर ढंग से अपनाया, इसी कारण यह सम्मान प्राप्त हुआ।
वहीं, बुधनी को 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में पुरस्कृत किया गया। शाहगंज और ग्वालियर ने भी अपनी-अपनी कैटेगरी में सम्मान प्राप्त किया, जो कि प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर कहा:
“सुपर से ऊपर अपना मध्यप्रदेश। आज स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में हमारे नगरीय निकायों ने जो कीर्तिमान रचा है, वह हर प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। इंदौर ने जहां एक बार फिर खुद को साबित किया है, वहीं बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन और मां नर्मदा के तट पर बसे बुधनी ने भी प्रदेश की गौरव गाथा को आगे बढ़ाया है।”
उन्होंने आगे लिखा कि राजा भोज की नगरी भोपाल, देवास, और शाहगंज ने भी विविध श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर यह सिद्ध किया है कि स्वच्छता अब मध्यप्रदेश की आत्मा बन चुकी है।

यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के सपने का प्रतिफल है, जिसमें जन-जन की भागीदारी रही। इस मौके पर मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी बधाई दी और कहा कि उनके कुशल नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
निष्कर्ष
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश सफाई और स्वच्छता में पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन चुका है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, देवास, जबलपुर, बुधनी जैसे शहरों ने यह दिखाया है कि प्रतिबद्धता, जनभागीदारी और सही नीति के जरिए असंभव भी संभव हो सकता है।
