दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 कथित तौर पर तकनीकी खराबी के चलते अपने निर्धारित मार्ग से भटककर पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ATC की चेतावनी के बाद विमान ने यू-टर्न लेकर भारतीय हवाई क्षेत्र में वापसी की।

दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22 जून 2026 की रात उड़ान के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण विमान अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की चेतावनी के बाद पायलट को स्थिति का पता चला, जिसके बाद विमान ने तुरंत यू-टर्न लेकर भारतीय हवाई क्षेत्र की ओर रुख किया।
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद है। पाकिस्तान ने हाल ही में भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध को जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है।
क्या हुआ फ्लाइट AI-479 के साथ?
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 दिल्ली से अमृतसर के लिए नियमित उड़ान पर थी। उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विमान अपने निर्धारित नेविगेशन रूट से हट गया। इसी दौरान विमान कथित तौर पर पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गया।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान एयर ट्रैफिक अथॉरिटी की ओर से संपर्क किए जाने के बाद पायलट को स्थिति का एहसास हुआ। इसके बाद विमान को तुरंत वापस भारतीय हवाई क्षेत्र में लाया गया।
क्यों गंभीर है यह मामला?
विशेषज्ञों के अनुसार किसी विमान का कुछ दूरी तक रूट से भटक जाना सामान्य तकनीकी या मौसम संबंधी परिस्थितियों में हो सकता है, लेकिन इस मामले को अलग इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए प्रतिबंधित है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध लागू किए थे। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों पर लगे प्रतिबंध को हाल ही में फिर से बढ़ा दिया है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर विमान प्रतिबंधित एयरस्पेस की ओर कैसे बढ़ गया। यह भी जांच का विषय हो सकता है कि तकनीकी खराबी किस प्रकार की थी और क्या नेविगेशन सिस्टम में कोई समस्या आई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों के तहत ऐसे मामलों की विस्तृत जांच की जाती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
फिलहाल इस मामले को लेकर एयर इंडिया या संबंधित विमानन अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान के मार्ग से भटकने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या किसी प्रकार की प्रक्रियात्मक चूक हुई थी।
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्ड और तकनीकी लॉग की जांच के बाद पूरी घटना की सटीक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल यह मामला विमानन सुरक्षा और एयरस्पेस प्रबंधन के लिहाज से चर्चा का विषय बना हुआ है।
यदि रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं तो यह हाल के वर्षों की सबसे चर्चित विमानन घटनाओं में से एक मानी जा सकती है।
