अलवर में पाकिस्तान के लिए जासूसी का शक, युवक हिरासत में

राजस्थान के अलवर जिले से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अलवर पुलिस ने MIA थाना क्षेत्र के भजीट गांव से एक युवक को हिरासत में लिया है। युवक पर पाकिस्तान के लिए कथित तौर पर जासूसी करने का संदेह है। फिलहाल स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां उससे संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जानकारी में यह आशंका जताई गई है कि आरोपी पैसों के लालच में संवेदनशील जानकारियां साझा करने के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच अभी जारी है और आधिकारिक रूप से आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिले खुफिया इनपुट के बाद अलवर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया।
संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के पास से हिरासत
भजीट गांव के पास ईटाराणा सैन्य क्षेत्र (Itarana Military Area) स्थित है, जिसे रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से देख रही हैं और यह जांच की जा रही है कि कहीं सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी तो साझा नहीं की गई।
पिछले साल भी सामने आया था ऐसा मामला
अलवर में यह पहला मामला नहीं है। अक्टूबर 2025 में भी राजस्थान की सीआईडी (CID) ने अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र से मंगत सिंह नामक व्यक्ति को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस मामले में आरोपी के खिलाफ Official Secrets Act, 1923 (आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सोशल मीडिया के जरिए हुआ था संपर्क
पिछले मामले की जांच में सामने आया था कि आरोपी कथित तौर पर करीब दो वर्षों तक सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े लोगों के संपर्क में था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उससे देश के रणनीतिक और सैन्य महत्व वाले क्षेत्रों से संबंधित संवेदनशील जानकारियां साझा करने के आरोप लगाए गए थे।
हनीट्रैप का भी आया था मामला
2025 के मामले में जांच के दौरान यह दावा भी सामने आया था कि आरोपी को कथित तौर पर ‘ईशा शर्मा’ नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय एक महिला ने हनीट्रैप में फंसाया था। बताया गया था कि सहयोग के बदले पैसे देने का लालच देकर उससे संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की गई थी। उस मामले की जांच संबंधित एजेंसियों ने आगे बढ़ाई थी।
