मंदसौर में खेतों के बीच चल रही अवैध एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़! पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की है। मामले के तार बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खेतों के बीच संचालित की जा रही एक अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
खेतों के बीच बनाई गई थी गुप्त फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने खेतों के बीच सुनसान इलाके में ड्रग बनाने की फैक्ट्री स्थापित कर रखी थी। बाहरी लोगों को इसकी भनक न लगे, इसके लिए फैक्ट्री को बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा था।
सूचना मिलने पर पुलिस और संबंधित एजेंसियों की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए परिसर पर छापा मारा। मौके से ड्रग बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण, रसायन और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
घर से मिली भारी मात्रा में एमडी ड्रग
छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों और घरों की तलाशी ली गई, जहां से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार यह बरामदगी हाल के वर्षों में क्षेत्र की बड़ी ड्रग्स जब्ती में से एक मानी जा रही है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि तैयार ड्रग्स को देश के विभिन्न शहरों में सप्लाई किया जाना था। बरामद सामग्री के आधार पर नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रग्स निर्माण और सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
राष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। बरामद रसायनों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ड्रग्स के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) एक खतरनाक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसका सेवन युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इसकी तस्करी और अवैध निर्माण समाज के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जब्त ड्रग्स की बाजार कीमत तथा नेटवर्क के अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
