बिना लक्षण का सबसे खतरनाक कैंसर!

दुनियाभर में तेजी से फैलने वाले कैंसरों में से एक है प्रोस्टेट कैंसर, और इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि यह अक्सर बिना किसी लक्षण के चुपचाप बढ़ता रहता है। ब्रिटेन में तो यह पुरुषों में सबसे आम कैंसर बन चुका है और हर साल 12,000 से अधिक लोगों की जान ले रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकांश पुरुष तब तक नहीं जानते कि उन्हें कैंसर है, जब तक यह शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल नहीं जाता—यानी बीमारी अब शुरुआती स्टेज से आगे निकल चुकी होती है।
ब्रिटेन की नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी (NSC) ने एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, और इसी फैसले ने देश में नई बहस छेड़ दी है। रिषि सुनक, पियर्स मॉर्गन, सर क्रिस होय और कई कैंसर संस्थानों ने इस निर्णय की तीखी आलोचना की है।
⭐ रिषि सुनक और एक्सपर्ट्स क्यों नाराज़ हैं?
रिषि सुनक, जो स्वयं प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता अभियानों से जुड़े रहे हैं, इस फैसले को “जीवन बचाने का खोया हुआ मौका” मानते हैं। उनका कहना है कि कमेटी ने नई तकनीकों—खासकर MRI आधारित स्क्रीनिंग और आधुनिक PSA टेस्टिंग—की प्रगति को गंभीरता से नहीं लिया।
क्यों यह जरूरी है?
क्योंकि शुरुआती स्टेज में प्रोस्टेट कैंसर कोई लक्षण नहीं दिखाता। मरीज को तब पता चलता है जब कैंसर आगे बढ़ चुका होता है, और ऐसे मामलों में इलाज कठिन और लंबा होता है।
पियर्स मॉर्गन और सर क्रिस होय (जिनके पिता की मौत इसी कैंसर से हुई) ने भी इसे “खतरनाक चूक” बताया है।
⭐ MRI–First Screening Model से क्यों बढ़ी उम्मीदें?
एक्सपर्ट्स का दावा है कि पुरानी दलीलों पर आधारित निर्णय नया वैज्ञानिक सच नहीं दिखाता।
इंपीरियल कॉलेज लंदन के प्रो. हसीम अहमद और UCL के प्रो. मार्क एम्बरटन के शोध लगातार साबित कर रहे हैं कि—
- PSA टेस्ट + MRI स्कैन शुरुआती स्टेज के कैंसर को बहुत तेजी और सटीकता से पकड़ते हैं
- अनावश्यक बायोप्सी 25–40% तक कम होती है
- ओवर-डायग्नोसिस का खतरा काफी घट जाता है
2025 में शुरू हुआ €42 Million का TRANSFORM Trial — जिसमें 3 लाख पुरुष शामिल होंगे — आगामी सालों में इस बहस को निर्णायक दिशा दे सकता है।
⭐ प्रोस्टेट कैंसर से बचाव कैसे संभव है?
कैंसर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं, लेकिन रिसर्च कहती है कि कुछ आदतें और टेस्ट जोखिम को काफी कम कर सकते हैं।
किन पुरुषों में ज्यादा खतरा होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक—
- Black पुरुषों में खतरा दोगुना पाया गया
- यदि पिता या भाई को 60 से पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ हो, तो जोखिम 3–4 गुना बढ़ जाता है
ऐसे पुरुषों के लिए 45–50 वर्ष की उम्र से PSA मॉनिटरिंग करने की सलाह दी जाती है।
⭐ रिसर्च क्या कहती है?
दुनिया के कई अध्ययनों ने कुछ महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं—
🍽️ डाइट और लाइफस्टाइल
- अधिक फैट वाला भोजन जोखिम बढ़ाता है
- नियमित व्यायाम शरीर में सूजन कम करता है और हार्मोन संतुलित रखता है
- प्रोसेस्ड और जली हुई मीट घातक प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ाती है
- टमाटर, हरी सब्जियां, हेल्दी फैट्स (नट्स, ऑलिव ऑयल, फैटी फिश) लेने की सलाह दी जाती है
🌞 Vitamin D का स्तर
कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड की रिसर्च बताती है कि बहुत कम Vitamin D वाले पुरुषों में यह कैंसर तेजी से फैलने वाला हो सकता है।
🚬 धूम्रपान और शराब
- धूम्रपान से प्रोस्टेट कैंसर से मौत का जोखिम बढ़ जाता है
- ज्यादा शराब पीने से ट्यूमर का खतरा बढ़ता है
⭐ एक्सपर्ट की सबसे अहम सलाह
एक बात पर डॉक्टर, शोधकर्ता और कैंसर विशेषज्ञ पूरी तरह सहमत हैं:
“जब तक प्रोस्टेट कैंसर लक्षण दिखाता है, तब तक अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है।”
इसलिए बचाव का रास्ता केवल यही है—
- अपनी रिस्क प्रोफाइल जानें
- 45–50 के बाद PSA टेस्ट करवाते रहें
- जरूरत पड़े तो MRI
- वजन, डाइट, विटामिन D पर ध्यान
- धूम्रपान–अल्कोहल से दूरी
- परिवार में इतिहास हो तो जीन टेस्टिंग
क्योंकि यह कैंसर जितना ‘शांत’, उतना ही खतरनाक भी है।
