इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की हार के बाद PCB ने बदली पूरी तस्वीर!

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा फेरबदल कर दिया। बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को स्वदेश भेज दिया और उनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इतना ही नहीं, मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी टीम से हटा दिया गया है। इस बड़े बदलाव के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने PCB के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
शाहिद अफरीदी ने फैसले पर क्यों जताई नाराजगी?
शाहिद अफरीदी ने सोशल मीडिया पर PCB के इस फैसले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर आपत्ति जताई कि टेस्ट सीरीज के बीच में टीम में इतने बड़े बदलाव क्यों किए गए। अफरीदी ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस बदलाव के पीछे की सोच समझ नहीं आ रही। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर टीम में बदलाव करना ही था तो इसकी योजना पहले क्यों नहीं बनाई गई। उनकी सबसे बड़ी आपत्ति नए खिलाड़ियों के चयन को लेकर है। अफरीदी के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट के लिए टीम चुनते समय खिलाड़ियों के रेड-बॉल अनुभव को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जबकि तीसरे टेस्ट के लिए चुने गए कुछ खिलाड़ी मुख्य रूप से टी20 क्रिकेट से जुड़े रहे हैं।
PCB ने सात खिलाड़ियों को भेजा घर
लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने सात खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मोहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की जगह सात नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए खिलाड़ियों में पांच ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है। इससे पाकिस्तान की टेस्ट टीम के संयोजन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि सीरीज के बीच में इतने बड़े स्तर पर बदलाव करना असामान्य माना जा रहा है।
कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा बदलाव
PCB ने केवल खिलाड़ियों में बदलाव नहीं किया है। टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी तीसरे टेस्ट से पहले हटा दिया गया है। सरफराज की जगह माइक हेसन को टीम की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एश्ले नॉफके गेंदबाजी कोच की भूमिका में होंगे। इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में प्रशासनिक स्तर पर भी बहस को जन्म दिया है। पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि सीरीज के बीच में इस तरह के बदलाव टीम की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
पहले दो टेस्ट में पाकिस्तान का प्रदर्शन कैसा रहा?
पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड ने सीरीज के दोनों शुरुआती टेस्ट में बड़ी जीत दर्ज की। पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन से हराया। इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने 194 रन से जीत दर्ज की। इन दोनों हार के बाद इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी भी इन मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगातार दो हार के बाद PCB ने तुरंत बदलाव करने का फैसला लिया। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सीरीज बचाने का नहीं, बल्कि क्लीन स्वीप से बचने और अपनी प्रतिष्ठा वापस हासिल करने का मौका होगा। नई टीम में कई युवा और अनकैप्ड खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर होगी कि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के दबाव को कैसे संभालते हैं।
पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ता विवाद
PCB के इस फैसले की आलोचना सिर्फ शाहिद अफरीदी तक सीमित नहीं है। पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों के एक वर्ग ने भी सीरीज के बीच में इतने बड़े बदलाव पर सवाल उठाए हैं। कुछ पूर्व कप्तानों ने इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया है। वहीं PCB की तरफ से इन बदलावों को खराब प्रदर्शन के बाद टीम को नई दिशा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब इसका असर मैदान पर कितना दिखाई देता है, इसका जवाब बर्मिंघम टेस्ट में मिलेगा।
