मोबाइल और कार्टून दिखाकर बच्चों को खाना खिलाना आसान लग सकता है, लेकिन इससे उनकी खाने की आदतें बिगड़ सकती हैं। जानिए बिना स्क्रीन के खाना खिलाने के आसान उपाय।

आज के समय में बच्चों को खाना खिलाना कई माता-पिता के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. कई बच्चे दो-चार कौर खाने के बाद ही मुंह फेर लेते हैं, कुछ केवल अपनी पसंद की चीजें ही खाना चाहते हैं, जबकि कुछ बच्चे सब्जियां देखते ही खाने से मना कर देते हैं. ऐसे में अक्सर पेरेंट्स बच्चों को खाना खिलाने के लिए मोबाइल फोन, कार्टून या वीडियो का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि यह तरीका उस समय आसान जरूर लगता है, लेकिन लंबे समय में बच्चे की खाने की आदतों पर असर डाल सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बच्चों को बिना किसी स्क्रीन के भी अच्छी तरह खाना खिलाया जा सकता है, बस इसके लिए कुछ सही आदतें अपनाने की जरूरत होती है. तो आइए जानते हैं बच्चों को बगैर फोन दिखाएं कैसे बच्चों को खाना खिला सकते हैं और कौन सी चार ट्रिक्स काम आएंगी.
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रीन देखकर खाना खाने की आदत लंबे समय में बच्चों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इससे बच्चे खाने के स्वाद, भूख और पेट भरने के संकेतों को समझ नहीं पाते। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों की मदद से बच्चों को बिना मोबाइल के भी आराम से खाना खिलाया जा सकता है।
पूरे परिवार के साथ बैठकर खिलाएं खाना
बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की आदतों से बहुत जल्दी सीखते हैं। यदि पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाएगा तो बच्चे भी इसे सामान्य और सकारात्मक गतिविधि मानेंगे।
परिवार के साथ भोजन करने से बच्चे नई चीजें खाने के लिए भी प्रेरित होते हैं और खाने को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
खाने के समय मोबाइल और टीवी से रखें दूरी
विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के दौरान स्क्रीन का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। मोबाइल, टीवी या टैबलेट देखने से बच्चों का ध्यान खाने से हट जाता है।
ऐसे बच्चे अक्सर जरूरत से ज्यादा या कम खाना खाते हैं और उन्हें भोजन का स्वाद भी ठीक से महसूस नहीं होता। इसलिए खाने के समय स्क्रीन-फ्री माहौल बनाना जरूरी है।
बच्चों को खाने की तैयारी में शामिल करें
अगर बच्चे भोजन बनाने या प्लेट सजाने में शामिल होते हैं तो वे उस खाने को चखने और खाने के लिए ज्यादा उत्साहित रहते हैं।
उन्हें सब्जियां धोने, सलाद सजाने या प्लेट लगाने जैसे छोटे-छोटे काम दिए जा सकते हैं। इससे बच्चों में खाने के प्रति रुचि बढ़ती है और वे नई चीजें भी आसानी से स्वीकार करते हैं।
डांटने या जबरदस्ती करने से बचें
कई बार माता-पिता बच्चों को खाना खिलाने के लिए डांटते हैं या जबरदस्ती करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करने से बच्चे खाने से और दूर भाग सकते हैं।
धैर्य रखें और बच्चों को धीरे-धीरे नई चीजें खाने के लिए प्रोत्साहित करें। सकारात्मक माहौल में बच्चे बेहतर तरीके से खाने की आदत विकसित करते हैं।
हेल्दी आदतें बचपन से ही जरूरी
बचपन में विकसित हुई खान-पान की आदतें लंबे समय तक साथ रहती हैं। इसलिए बच्चों को बिना मोबाइल और स्क्रीन के खाना खाने की आदत डालना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए फायदेमंद माना जाता है।
छोटे-छोटे बदलाव और नियमित प्रयासों से माता-पिता बच्चों को हेल्दी ईटिंग की ओर आसानी से प्रेरित कर सकते हैं।
