कोल्ड ड्रिंक पीने के भी कुछ सही तरीके हैं! जानिए कितनी मात्रा में और कब इसे पीना बेहतर है, साथ ही किन बातों का रखना चाहिए ध्यान।

गर्मियों में ठंडी-ठंडी कोल्ड ड्रिंक पीना लोगों को काफी पसंद आता है। पार्टी हो, दोस्तों के साथ आउटिंग हो या फिर खाने के बाद कुछ ठंडा पीने का मन हो, ऐसे में कई लोग सॉफ्ट ड्रिंक का विकल्प चुनते हैं। हालांकि, स्वाद के लिए पी जाने वाली इन ड्रिंक्स में अक्सर काफी मात्रा में शुगर होती है और कुछ पेय पदार्थों में कैफीन भी मौजूद होता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोल्ड ड्रिंक पीनी ही है तो इसे किस तरह और कितनी मात्रा में पीना बेहतर है? इसे पूरी तरह हेल्दी ड्रिंक नहीं माना जाता, इसलिए सबसे जरूरी बात है कि इसका सेवन सीमित रखा जाए।
कोल्ड ड्रिंक को रोजाना पीने की आदत न बनाएं
कोल्ड ड्रिंक का नियमित और ज्यादा सेवन शरीर में अतिरिक्त चीनी और कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकता है। अगर लंबे समय तक बहुत ज्यादा शुगर वाली ड्रिंक्स का सेवन किया जाए तो यह वजन बढ़ने समेत कई स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से जुड़ा हो सकता है। इसलिए कोल्ड ड्रिंक को रोजाना की आदत बनाने के बजाय कभी-कभार और सीमित मात्रा में लेना बेहतर है। खासकर बच्चों के लिए मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखना जरूरी है।
खाली पेट कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें
कुछ लोगों को खाली पेट कार्बोनेटेड ड्रिंक पीने के बाद गैस, पेट फूलने या एसिडिटी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए अगर आपको ऐसी समस्या होती है तो खाली पेट कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें।
इसे खाने के साथ या कुछ खाने के बाद सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। हालांकि, अगर हर बार कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद पेट से जुड़ी समस्या होती है, तो इसका सेवन कम करना बेहतर है।
एक साथ जल्दी-जल्दी न पिएं
कोल्ड ड्रिंक को बहुत तेजी से पीने के बजाय धीरे-धीरे पीना बेहतर हो सकता है। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होती है, जिसे तेजी से पीने पर कुछ लोगों को पेट में भारीपन या ब्लोटिंग महसूस हो सकती है। धीरे-धीरे पीने से आप यह भी समझ पाएंगे कि आपको वास्तव में कितनी मात्रा की जरूरत है। इसके अलावा, बहुत ज्यादा मात्रा में एक साथ पीने से बचना चाहिए।
बोतल या कैन का लेबल जरूर पढ़ें
कोल्ड ड्रिंक खरीदते समय उसके न्यूट्रिशन लेबल को देखना अच्छी आदत है। लेबल पर कुल शुगर, अतिरिक्त शुगर, कैलोरी और कुछ उत्पादों में कैफीन की मात्रा से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है। इससे आपको अंदाजा हो जाता है कि एक सर्विंग में आप कितनी चीनी और कैलोरी ले रहे हैं। अगर आप शुगर का सेवन कम करना चाहते हैं तो कम शुगर वाले विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
कोल्ड ड्रिंक को पानी का विकल्प न बनाएं
यह सबसे जरूरी बातों में से एक है। कोल्ड ड्रिंक पीने से प्यास या ताजगी महसूस हो सकती है, लेकिन इसे दिनभर के पानी का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सादा पानी सबसे आसान और बेहतर विकल्प है। गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और प्यास बुझाने के लिए मीठे पेय पदार्थों पर निर्भर न रहें। अगर आप खाना खाते समय कोल्ड ड्रिंक लेते हैं तो मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। बड़ी बोतल पूरी पीने के बजाय छोटी सर्विंग लेना अतिरिक्त शुगर और कैलोरी को कम रखने का आसान तरीका हो सकता है। खासकर जब खाने में पहले से ही मिठाई, डेजर्ट या अन्य मीठी चीजें शामिल हों, तब मीठे पेय की मात्रा को और सीमित रखना समझदारी है।
बच्चों के लिए रखें खास ध्यान
बच्चों को कोल्ड ड्रिंक और दूसरे मीठे पेय पदार्थों की आदत लगना आसान होता है। ज्यादा मीठे पेय पदार्थ बच्चों के रोजाना के आहार में अनावश्यक अतिरिक्त चीनी और कैलोरी जोड़ सकते हैं। इसलिए बच्चों को नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक देने के बजाय पानी, दूध और अन्य बेहतर पेय विकल्पों को प्राथमिकता देना अच्छा विकल्प हो सकता है।
डायबिटीज या वजन की समस्या में रहें सावधान
जिन लोगों को ब्लड शुगर या वजन से जुड़ी समस्या है, उन्हें मीठे पेय पदार्थों के सेवन को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कोल्ड ड्रिंक में मौजूद शुगर की मात्रा उत्पाद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ऐसे में लेबल पढ़ना और अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार पेय पदार्थ चुनना बेहतर है।
बार-बार एसिडिटी हो तो सेवन कम करें
अगर कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद आपको बार-बार एसिडिटी, गैस, पेट फूलने या किसी अन्य परेशानी का सामना करना पड़ता है तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे मामलों में इसका सेवन कम करना या बंद करना बेहतर हो सकता है। अगर समस्या लगातार बनी रहती है तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।
क्या जीरो शुगर ड्रिंक ज्यादा बेहतर है?
बाजार में कई जीरो या लो-शुगर ड्रिंक्स उपलब्ध हैं। इनमें सामान्य शुगर वाली ड्रिंक्स की तुलना में चीनी कम या नहीं हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें असीमित मात्रा में पीना सही है। ऐसे उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले स्वीटनर और अन्य सामग्री अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए लेबल पढ़ना और कुल मिलाकर मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी विशेष बीमारी, डायबिटीज, वजन या पाचन संबंधी समस्या में व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।
