पुरी रथ यात्रा में भारी भीड़ के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत, कई लोग घायल।

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान ओडिशा के पुरी में रविवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भारी भीड़ के बीच कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल होने या बेहोश होने के बाद अस्पताल पहुंचाए गए। हालांकि प्रशासन ने किसी भी प्रकार की भगदड़ से इनकार किया है और कहा है कि अत्यधिक भीड़ और दम घुटने जैसी स्थिति के कारण यह हादसा हुआ।
भारी भीड़ के बीच बिगड़ी स्थिति
रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। जैसे-जैसे रथ ग्रैंड रोड पर आगे बढ़ रहे थे, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। इसी दौरान मारिचीकोट चौक के पास भीड़ के दबाव के कारण कुछ लोगों की तबीयत खराब हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी हुई और कुछ लोग बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस और राहतकर्मियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
दो श्रद्धालुओं की मौत
मृतकों में एक महिला श्रद्धालु शामिल हैं, जिनकी दम घुटने की वजह से मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं दूसरी घटना में 35 वर्षीय एक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
मृत युवक की पहचान क्योंझर जिले के अनिल दास के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनिल दास ग्रैंड रोड पर पुलिस बैरिकेडिंग से कुछ दूरी पर मौजूद थे। भीड़ के बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने भगदड़ की खबरों से किया इनकार
घटना के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में भगदड़ की आशंका जताई गई, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई भगदड़ की घटना नहीं थी। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक भीड़ और उमस भरे मौसम के कारण कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिससे उनकी तबीयत खराब हुई। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि रथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि:
- 19 आईपीएस अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है।
- करीब 13,000 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद हैं।
- सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं।
- पूरे रथ यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए 473 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- दो अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है।
- ड्रोन-जैमर तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस द्वारा संयुक्त गश्त भी की जा रही है।
