केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हत्या की साजिश में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था। मामले में कई लोगों से पूछताछ जारी है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब लोनावला पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हत्या की साजिश में कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस को आशंका है कि पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका हो सकती है।
हालांकि, अब तक पुलिस ने किसी तीसरे संदिग्ध का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस पहलू की गहन जांच कर रही हैं।
रिमांड के दौरान होगी गहन पूछताछ
पुलिस आगामी रिमांड अवधि में सिया गोयल और चेतन चौधरी से इस पहलू पर विस्तार से पूछताछ करेगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ नए तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
इसी कारण पुलिस इस मामले को केवल दो आरोपियों तक सीमित मानकर नहीं चल रही है और हर संभावित एंगल की जांच कर रही है।
परिवार और करीबी लोगों के बयान दर्ज
जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के परिवार के कई सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें उसके भाई साहिल गोयल, पिता प्रवीण गोयल और मां पूजा गोयल शामिल हैं। पुलिस ने पूरे परिवार से घटनाक्रम और दोनों आरोपियों के संबंधों को लेकर विस्तृत पूछताछ की है।
इसके अलावा, सिया और केतन की शादी तय कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले मित्तल दंपति से भी लगातार दो दिनों तक पूछताछ की गई।
कैब चालक से भी की गई पूछताछ
पुलिस ने उस कैब चालक का भी बयान दर्ज किया है, जिसने सिया गोयल और केतन अग्रवाल को प्री-वेडिंग शूट के लिए मुंबई एयरपोर्ट तक छोड़ा था। अधिकारियों का मानना है कि यात्रा के दौरान हुई गतिविधियों और बातचीत से जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इसी वजह से चालक के बयान को भी केस की जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है।
तीसरे व्यक्ति की भूमिका पर पुलिस की नजर
लोनावला पुलिस ने रिमांड की मांग के दौरान अदालत को बताया था कि यह पता लगाना जरूरी है कि हत्या की साजिश में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं कर रही है।
जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, घटनाक्रम की टाइमलाइन और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही हैं ताकि साजिश के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
