पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं ने सियासी माहौल गरमा दिया है। BJP इसे जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बता रही है, जबकि मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों एक नए विवाद को लेकर चर्चा में है। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेताओं पर सार्वजनिक कार्यक्रमों और रैलियों के दौरान अंडे फेंके जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे जनता के असंतोष और गुस्से की अभिव्यक्ति बता रही है, जबकि TMC इसे सुनियोजित राजनीतिक विरोध करार दे रही है।
कई बड़े TMC नेता बने निशाना
पिछले कुछ सप्ताहों में TMC के कई प्रमुख नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी, सांसद कुणाल घोष, सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं पर विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान अंडे फेंके गए।
हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक रैली के दौरान भी प्रदर्शनकारियों ने TMC नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की और अंडे फेंककर विरोध दर्ज कराया। इस रैली में पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। प्रदर्शनकारियों द्वारा “चोर-चोर” जैसे नारे लगाए जाने की भी खबरें सामने आईं।
BJP ने क्या कहा?
इन घटनाओं पर BJP नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनता के गुस्से का एक नया रूप है। उन्होंने कहा कि कम से कम लोग ईंट-पत्थर नहीं फेंक रहे हैं और इस तरह का विरोध किसी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं किया जा रहा।
दिलीप घोष ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों में कथित भ्रष्टाचार और विभिन्न मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ी है, जो अब इस तरह सामने आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक अंडे फेंकने की घटनाओं में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
100 से अधिक घटनाओं का दावा
BJP का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से राज्यभर में TMC नेताओं पर अंडे फेंके जाने की 100 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पार्टी का कहना है कि जब वह विपक्ष में थी, तब उसके नेताओं को हिंसा और हमलों का सामना करना पड़ता था, जबकि वर्तमान घटनाएं केवल विरोध प्रदर्शन का प्रतीक हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
मामला अब न्यायपालिका तक पहुंच चुका है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि चुनाव के बाद TMC नेताओं पर अंडे फेंके जाने की कुल कितनी घटनाएं दर्ज हुई हैं और इनमें से कितने मामलों में FIR दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह निर्देश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से अदालत का रुख किया गया था।
अंडे फेंके जाने की घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर BJP इसे जनता के विरोध का प्रतीक बता रही है, तो दूसरी ओर TMC इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ कदम मान रही है।
