जिस गाने को डायरेक्टर ने पसंद नहीं किया, वही बन गया कल्ट! 🎵❤️ आमिर-माधुरी का ‘मुझे नींद ना आए’ आज भी है सुपरहिट।

बॉलीवुड के पुराने दौर के कई गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं। 1990 में रिलीज हुई आमिर खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘दिल’ भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है, जिसके गाने आज तक लोगों को याद हैं। फिल्म का रोमांटिक गाना ‘मुझे नींद ना आए, चैन ना आए’ आज भी 90s के सबसे पसंदीदा लव सॉन्ग्स में गिना जाता है। लेकिन इस गाने की कहानी काफी दिलचस्प है। गीतकार समीर अंजान के मुताबिक, जब यह गाना डायरेक्टर इंद्र कुमार को सुनाया गया था तो उन्हें इसकी शुरुआती लाइन पसंद नहीं आई थी।
पहले गाने की लाइन पर ही अटक गए थे डायरेक्टर……
समीर अंजान ने हाल ही में कोमल नाहटा के पॉडकास्ट में फिल्म ‘दिल’ के संगीत से जुड़ा किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म के म्यूजिक को लेकर शुरुआत में काफी बदलाव हुए थे। समीर के मुताबिक, रोमांटिक सिचुएशन के लिए उनसे एक गाना लिखने को कहा गया। इसी दौरान उन्होंने ‘मुझे नींद ना आए, चैन ना आए’ गाना तैयार किया। जब यह गाना इंद्र कुमार को सुनाया गया तो उन्होंने इसके मुखड़े पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ‘मुझे नींद ना आए’ जैसी लाइन वह पहले कई गानों में सुन चुके हैं और इसे बदलना चाहिए।
बदलने की कोशिश हुई, लेकिन नहीं मिली बेहतर लाइन……
समीर अंजान के मुताबिक, उन्होंने गाने की शुरुआती लाइन बदलने की काफी कोशिश की। हालांकि, उन्हें लगा कि गाने की सिचुएशन और मुखड़े के हिसाब से इससे बेहतर लाइन तैयार नहीं हो पा रही थी। मामला इतना बढ़ गया कि गाने को रिकॉर्ड करके देखने का फैसला किया गया। तय हुआ कि अगर रिकॉर्डिंग के बाद गाना प्रभावी नहीं लगा तो इसे फिल्म से हटाया जा सकता है। लेकिन आगे जो हुआ, उसने इस गाने को हिंदी सिनेमा के यादगार रोमांटिक गानों में शामिल कर दिया।
रिलीज के बाद गाने ने बनाया अपना मुकाम……
फिल्म ‘दिल’ रिलीज होने के बाद ‘मुझे नींद ना आए’ दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ। आमिर खान और माधुरी दीक्षित की जोड़ी पर फिल्माया गया यह रोमांटिक गाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया। जिस लाइन को लेकर शुरुआत में सवाल उठे थे, वही आगे चलकर गाने की सबसे पहचान वाली लाइन बन गई। आज भी यह गाना 90s के रोमांटिक म्यूजिक की चर्चा में जरूर शामिल होता है।
“दिल” ने आमिर-माधुरी को बनाया बड़ी जोड़ी……
फिल्म ‘दिल’ साल 1990 में रिलीज हुई थी। इसमें आमिर खान और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके संगीत ने भी दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई। ‘दिल’ की सफलता ने आमिर खान और माधुरी दीक्षित की जोड़ी को बॉलीवुड की चर्चित जोड़ियों में शामिल कर दिया। फिल्म के कई गाने लोकप्रिय हुए और लंबे समय तक श्रोताओं के बीच पसंद किए जाते रहे।
आनंद-मिलिंद के संगीत से जुड़ी एक और दिलचस्प कहानी……
समीर अंजान ने फिल्म के संगीत को लेकर एक और किस्सा बताया। उनके अनुसार, शुरुआत में ‘दिल’ के संगीत को लेकर अलग योजना थी, लेकिन बाद में आनंद-मिलिंद को संगीत की जिम्मेदारी मिली। समीर ने बताया कि जब वह आनंद के संपर्क में आए तो उन्होंने उन्हें कुछ गाने सुनाए। इनमें ‘खंबे जैसी खड़ी है, लगता है जैसे छड़ी है’ भी शामिल था, जिसे पसंद किया गया था। इसके बाद फिल्म की रोमांटिक सिचुएशन के लिए ‘मुझे नींद ना आए’ तैयार हुआ और यही गाना आगे चलकर फिल्म की पहचान बन गया।
90s के म्यूजिक का आज भी कायम है जादू……
90 के दशक के हिंदी फिल्म संगीत की खासियत यह रही कि उस दौर के कई गाने रिलीज के दशकों बाद भी लोगों को याद हैं। ‘मुझे नींद ना आए’ भी इसी लिस्ट में शामिल है। इस गाने की कहानी यह भी दिखाती है कि किसी गाने की शुरुआती प्रतिक्रिया हमेशा उसके अंतिम सफर का अंदाजा नहीं देती। जिस मुखड़े को बदलने की बात हुई थी, वही आगे चलकर गाने की सबसे खास पहचान बन गया।
