⚖️ आकृति चौधरी NSA केस में बड़ा अपडेट! इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ यूपी सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी। हाई कोर्ट ने हिरासत रद्द कर 5 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया था। अब SC में होगी अगली सुनवाई।

नोएडा में मजदूर आंदोलन के दौरान छात्रा आकृति चौधरी पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के मामले ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। हाई कोर्ट ने आकृति की हिरासत को मनमाना बताते हुए उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था।
क्या है पूरा मामला…..?
यह मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूर प्रदर्शन से जुड़ा है। मजदूर अपने अधिकारों और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान 25 वर्षीय आकृति चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में जिला प्रशासन ने आकृति पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए आकृति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाई कोर्ट ने NSA कार्रवाई पर उठाए सवाल…..
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने माना कि आकृति के खिलाफ हिंसा के लिए लोगों को उकसाने के पर्याप्त ठोस सबूत सामने नहीं आए। कोर्ट के मुताबिक प्रशासन की ओर से WhatsApp चैट, वीडियो या अन्य ठोस सामग्री के आधार पर हिंसा भड़काने की बात साबित नहीं की गई थी। इसके बाद कोर्ट ने आकृति की हिरासत को रद्द कर दिया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आकृति को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और यह राशि डीएम समेत जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए।
DM मेधा रूपम पर भी आया आदेश…..
हाई कोर्ट के आदेश में गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से मुआवजे की रकम वसूलने की बात कही गई। इसी आदेश को लेकर अब यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने जा रही है।
यूपी सरकार की क्या है दलील…..?
राज्य सरकार का कहना है कि मजदूर आंदोलन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी थी। सरकार के मुताबिक जिला प्रशासन ने पुलिस रिपोर्ट और मौके की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए NSA के तहत कार्रवाई की थी। सरकार हाई कोर्ट द्वारा अधिकारियों के वेतन से 5 लाख रुपये की वसूली के आदेश को चुनौती देना चाहती है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम होगा, क्योंकि इससे NSA के इस्तेमाल और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अब सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली लड़ाई…..
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंचने वाला है। एक तरफ आकृति चौधरी की हिरासत को लेकर हाई कोर्ट का फैसला है, वहीं दूसरी तरफ यूपी सरकार प्रशासन की कार्रवाई और अधिकारियों से मुआवजा वसूलने के आदेश को चुनौती देने जा रही है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर रहेगी कि वह हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है या राज्य सरकार की दलीलों के आधार पर इसमें बदलाव करता है।
