10 साल में भारतीय महिलाओं के हाथ आ सकती है 73 लाख करोड़ की संपत्ति! जानिए विरासत और निवेश से जुड़ी पूरी कहानी।

अगले एक दशक में भारतीय महिलाओं को बड़ी मात्रा में पारिवारिक संपत्ति विरासत में मिलने का अनुमान है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को कम से कम 73 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मिल सकती है।
Acharan News | Business Desk
भारत में पारिवारिक संपत्ति का पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण लंबे समय से होता आया है। इसमें जमीन-जायदाद, सोना-चांदी, घर और कारोबार में हिस्सेदारी जैसी संपत्तियां शामिल होती हैं। अब एक रिपोर्ट ने भारतीय महिलाओं को मिलने वाली विरासत को लेकर बड़ा अनुमान सामने रखा है। अगले 10 वर्षों में भारतीय महिलाओं को कम से कम 73 लाख करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति विरासत में मिल सकती है। इस अनुमान में परिवारों की सूचीबद्ध और निजी कंपनियों में हिस्सेदारी समेत दूसरी संपत्तियां भी शामिल हैं।
किस रिपोर्ट में सामने आया अनुमान…..?
यह आंकड़ा Barclays Private Bank और NQUBE की रिपोर्ट में सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दशक में भारतीय महिलाओं को बड़ी मात्रा में पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरित हो सकती है। 73 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा न्यूनतम अनुमान बताया गया है। इसका मतलब यह है कि आने वाले वर्षों में महिलाएं सिर्फ परिवार की संपत्ति की उत्तराधिकारी ही नहीं रहेंगी, बल्कि बड़ी आर्थिक जिम्मेदारियां भी संभाल सकती हैं।
निवेश के फैसलों में भी बढ़ रही महिलाओं की भूमिका…..
रिपोर्ट में महिलाओं की निवेश संबंधी सोच में बदलाव की ओर भी इशारा किया गया है। अब महिलाएं संपत्ति मिलने के बाद उसे संभालने और बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार :-
- 86% महिलाएं लंबे समय में संपत्ति बढ़ाने को प्राथमिकता देती हैं।
- 66% महिलाएं निवेश से जुड़े फैसलों में खुद हिस्सा लेती हैं।
- 85% महिलाएं निवेश में संतुलित रणनीति पसंद करती हैं।
- 77% महिलाएं निवेश के लिए पेशेवर वेल्थ एडवाइजर की मदद लेती हैं।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि महिलाओं की वित्तीय निर्णय लेने की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
सिर्फ विरासत नहीं, संपत्ति को संभालना भी चुनौती…..
बड़ी मात्रा में संपत्ति विरासत में मिलने के साथ महिलाओं के सामने उसे सही तरीके से मैनेज करने की जिम्मेदारी भी होगी। संपत्ति में निवेश, टैक्स, जोखिम और भविष्य की वित्तीय जरूरतों को समझना जरूरी होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, विरासत मिलने से पहले ही वित्तीय योजना, निवेश की जानकारी और संपत्ति प्रबंधन की समझ विकसित करना फायदेमंद हो सकता है।
महिलाओं के लिए क्यों है यह बड़ा बदलाव….?
भारत में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने के साथ संपत्ति और निवेश से जुड़े फैसलों में भी उनकी भूमिका बढ़ रही है। अगर अगले दशक में अनुमान के मुताबिक इतनी बड़ी संपत्ति महिलाओं के हाथ आती है, तो इसका असर परिवारों की वित्तीय योजना के साथ-साथ निवेश बाजार पर भी पड़ सकता है। 73 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा एक रिपोर्ट का अनुमान है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं। वास्तविक विरासत की राशि परिवारों की संपत्ति, उत्तराधिकार व्यवस्था और भविष्य के आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी।
