क्या अक्टूबर में बढ़ेगा RBI का Repo Rate? 📈 अगर ऐसा हुआ तो बढ़ सकती है आपकी EMI! जानें SBI की रिपोर्ट में क्या है अनुमान।

आपने घर, कार या किसी अन्य जरूरत के लिए बैंक से लोन लिया हुआ है, तो आने वाले महीनों में आपकी EMI पर असर पड़ सकता है। SBI Research की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो फ्लोटिंग ब्याज दर वाले लोन की EMI या लोन की अवधि पर असर पड़ सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि RBI ने अभी अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
“अक्टूबर और दिसंबर” में बढ़ोतरी का अनुमान……
SBI Research की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI अक्टूबर में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ा सकता है। इसके बाद दिसंबर में भी 25 बेसिस पॉइंट्स की एक और बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। अगर दोनों अनुमान सही साबित होते हैं, तो दिसंबर तक रेपो रेट में कुल 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, रेपो रेट से जुड़े फैसले RBI की मौद्रिक नीति समिति के आकलन और उस समय की आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
कच्चे तेल की कीमत बनी चिंता की वजह…..
SBI Research के अनुमान के पीछे वैश्विक परिस्थितियां भी एक महत्वपूर्ण वजह हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। अगर लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमत ऊंची बनी रहती है, तो इसका असर भारत की महंगाई पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अक्टूबर-नवंबर के दौरान महंगाई दर 6.5 फीसदी या उससे अधिक भी हो सकती है, अगर तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती।
रेपो रेट बढ़ने से EMI पर कैसे पड़ेगा असर ?…..
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्प अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव होने पर बैंकों की ब्याज दरों पर भी असर पड़ सकता है। अगर बैंक अपने लोन की ब्याज दर बढ़ाते हैं, तो फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन, कार लोन या अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर इसका असर पड़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति की EMI एक जैसी बढ़ेगी। EMI में बदलाव बैंक की ब्याज दर, लोन की बाकी अवधि, बकाया रकम और लोन की शर्तों पर निर्भर करेगा।
अगर EMI बढ़े तो क्या करें ?……
अगर आपके पास पहले से लोन है तो अभी कुछ जरूरी चीजें चेक कर लेना बेहतर होगा।
- अपने लोन की मौजूदा ब्याज दर देखें।
- पता करें कि आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है या फिक्स्ड रेट पर।
- बैंक से पूछें कि ब्याज दर बढ़ने पर आपकी EMI या लोन अवधि पर क्या असर पड़ेगा।
- संभावित बढ़ी हुई EMI के हिसाब से अपना मासिक बजट तैयार रखें।
- नया लोन लेने वाले लोग अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर और EMI की तुलना जरूर करें।
क्या अभी से बढ़ जाएगी आपकी EMI ?……
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। RBI की ओर से अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ाने का कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। SBI Research की रिपोर्ट केवल संभावित परिस्थितियों के आधार पर अनुमान देती है। इसलिए लोन लेने वालों को घबराने के बजाय अपने लोन की शर्तों और ब्याज दर पर नजर रखनी चाहिए। अगर RBI की ओर से रेपो रेट में बदलाव किया जाता है, तभी बैंकों की ओर से उसके असर का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा।
