राहुल गांधी पर FIR से भड़कीं विनेश फोगाट! कांग्रेस विधायक ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा- “समाज का हर वर्ग इस सरकार से खुश नहीं है.” जानें क्या है पूरा मामला।

कांग्रेस की जुलाना विधायक विनेश फोगाट ने हरियाणा सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने बेरोजगार युवाओं, सफाई कर्मचारियों, शिक्षकों और सरपंचों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए सरकार पर लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। विनेश फोगाट ने कहा कि जनता के प्रतिनिधि होने के नाते कांग्रेस लोगों की आवाज विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह उठाती रहेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि जिस तरह वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उसी तरह कांग्रेस भी उनके लिए लड़ाई जारी रखेगी।
‘समाज का कोई भी वर्ग सरकार से खुश नहीं’
विनेश फोगाट ने हरियाणा में बेरोजगारी समेत कई मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के अलग-अलग वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, सरकार बनने के दौरान युवाओं को बड़ी संख्या में नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन कई युवाओं को नौकरी मिलने के बावजूद अब तक जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है। कांग्रेस विधायक ने शिक्षकों और सरपंचों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ असंतोष है। हालांकि, ये विनेश फोगाट के राजनीतिक आरोप हैं और इन पर बीजेपी या राज्य सरकार का पक्ष अलग हो सकता है।
विनेश फोगाट ने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी लोगों की आवाज को विधानसभा के अंदर भी उठाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिस तरह लोग अपने मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उसी तरह कांग्रेस भी उनके लिए लड़ाई लड़ रही है।
राहुल गांधी पर FIR को लेकर क्या बोलीं विनेश फोगाट?
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आए विवाद और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भी विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने FIR को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया। विनेश फोगाट का आरोप है कि जब विपक्ष किसी मुद्दे पर आवाज उठाता है तो ध्यान को दूसरे मुद्दों की तरफ मोड़ने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, उनके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। हालांकि, FIR में लगाए गए आरोपों और कानूनी प्रक्रिया का अंतिम फैसला संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
खरगे से जुड़े विवाद का भी किया जिक्र
विनेश फोगाट ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुई कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार इस विवाद का मूल मुद्दा खरगे के कथित अपमान और दलित समुदाय के साथ किए गए व्यवहार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय या व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
विनेश फोगाट ने मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक बताते हुए कहा कि उनके साथ हुई घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
‘असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश’
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में एक अलग नैरेटिव तैयार करके मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि राजनीतिक विवाद को बढ़ाने के बजाय घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और सामाजिक सम्मान से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दलितों या किसी अन्य सामाजिक वर्ग के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।
हरियाणा की राजनीति में मुद्दे गरम
विनेश फोगाट के बयान ऐसे समय में आए हैं जब हरियाणा की राजनीति में बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की मांगों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विनेश फोगाट 2024 में राजनीति में आईं और जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनीं। इससे पहले वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और देश की चर्चित महिला पहलवानों में शामिल रही हैं। विधायक बनने के बाद वह लगातार अपने क्षेत्र और राज्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही हैं।
बीजेपी के लिए कांग्रेस का बढ़ता हमला
हरियाणा में विपक्षी कांग्रेस लगातार राज्य सरकार को रोजगार, भर्ती और जनहित से जुड़े मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है। विनेश फोगाट का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी तरफ, सरकार और बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर आने वाला जवाब भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
