4 साल से टीम इंडिया से बाहर मयंक अग्रवाल की इंग्लैंड में एंट्री!

भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की कोशिश कर रहे मयंक अग्रवाल के लिए इंग्लैंड का काउंटी क्रिकेट एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। 35 वर्षीय बल्लेबाज ने काउंटी चैंपियनशिप के 2026 सीजन के बचे हुए मुकाबलों के लिए डरहम के साथ जुड़ने का फैसला किया है। डरहम की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मयंक टीम के साथ सीजन के आखिरी चार मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
चार मैचों के लिए डरहम से जुड़े मयंक
मयंक अग्रवाल 2026 काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में डरहम के लिए चार मैच खेल सकते हैं। डरहम का पहला मुकाबला 2 सितंबर से नॉर्थम्पटनशायर के खिलाफ शुरू होगा। इसके बाद टीम को सीजन के अंतिम मुकाबले में 24 सितंबर से लंकाशायर का सामना करना है। मयंक के लिए यह काउंटी क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का प्रदर्शन दिखाने का अच्छा अवसर होगा। इंग्लैंड की परिस्थितियों में रन बनाकर वह चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच सकते हैं।
चार साल से टीम इंडिया से बाहर
मयंक अग्रवाल ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मुकाबला मार्च 2022 में खेला था। इसके बाद वह भारतीय टीम में अपनी जगह वापस हासिल नहीं कर सके। मयंक को मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट का बल्लेबाज माना जाता है। हालांकि उन्होंने भारत के लिए वनडे क्रिकेट में भी हिस्सा लिया है। लंबे समय तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बाद अब काउंटी क्रिकेट उनके लिए वापसी का एक रास्ता बन सकता है। घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने और इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करने से उनके दावे को मजबूती मिल सकती है।
कैसा रहा है मयंक अग्रवाल का इंटरनेशनल करियर?
मयंक अग्रवाल ने भारतीय टीम के लिए अब तक 21 टेस्ट और 5 वनडे मुकाबले खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 36 पारियों में 41.33 की औसत से 1,488 रन बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट में 4 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 243 रन है। यह पारी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक रही है। वनडे क्रिकेट की बात करें तो मयंक ने 5 पारियों में कुल 86 रन बनाए हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
मयंक अग्रवाल का घरेलू और फर्स्ट क्लास क्रिकेट रिकॉर्ड उनके पक्ष में सबसे मजबूत आंकड़ों में से एक है। उन्होंने अब तक 124 फर्स्ट क्लास मैचों की 210 पारियों में 8,929 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत करीब 43.98 रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मयंक के नाम 21 शतक और 48 अर्धशतक हैं। अब वह 9,000 फर्स्ट क्लास रन पूरे करने से सिर्फ 71 रन दूर हैं। डरहम के लिए आगामी मुकाबलों में वह यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।
9 हजार फर्स्ट क्लास रन पूरे करने का मौका
मयंक अग्रवाल के लिए डरहम के साथ जुड़ना सिर्फ इंग्लैंड में खेलने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तिगत करियर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर वह आगामी चार मुकाबलों में 71 या उससे ज्यादा रन बना लेते हैं तो उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9,000 रन पूरे हो जाएंगे। इस उपलब्धि के साथ वह भारतीय घरेलू क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो जाएंगे जिन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लंबे समय तक निरंतरता दिखाई है।
क्या काउंटी क्रिकेट से होगी टीम इंडिया में वापसी?
मयंक अग्रवाल के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या काउंटी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम में वापसी दिला सकता है?
फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम में युवा बल्लेबाजों को लगातार मौके मिल रहे हैं। ऐसे में मयंक के लिए वापसी आसान नहीं होगी। लेकिन घरेलू क्रिकेट और काउंटी चैंपियनशिप में बड़े स्कोर उनके दावे को मजबूत जरूर कर सकते हैं। इंग्लैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। अगर मयंक यहां लगातार रन बनाने में सफल रहते हैं तो यह उनके अनुभव और तकनीक की मजबूती को भी दर्शाएगा।
डरहम के लिए क्यों महत्वपूर्ण हो सकते हैं मयंक?
डरहम ने सीजन के अंतिम चरण में मयंक जैसे अनुभवी बल्लेबाज को अपने साथ जोड़ा है। मयंक के पास टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट का लंबा अनुभव है। उन्होंने भारत के अलावा घरेलू क्रिकेट में भी काफी समय बिताया है। ऐसे में टीम को शीर्ष क्रम में उनका अनुभव फायदा पहुंचा सकता है। वहीं मयंक के लिए भी विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने का यह एक शानदार अनुभव होगा।
