
जयपुर, 26 मार्च। राजस्थान के बूंदी जिले में मिट्टी के बर्तन बनाकर गुजारा करने वाले एक कुम्हार को आयकर विभाग की ओर से करीब 9 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस मिलने का मामला सामने आया है। इस नोटिस के बाद पीड़ित और उसका परिवार गहरे सदमे में है।
पीड़ित विष्णु कुमार प्रजापत, जो सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बनाकर और बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं, ने बताया कि 18 मार्च को मिले नोटिस में उन्हें एक महीने के भीतर 8,98,79,260 रुपए जमा करने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस के बाद परिवार में तनाव
इतनी बड़ी रकम का नोटिस मिलने के बाद से विष्णु कुमार प्रजापत और उनका परिवार बेहद तनाव में है। उन्होंने बताया कि इस वजह से उन्हें रात में नींद भी नहीं आ रही है।
प्रजापत का कहना है कि इस गलती को ठीक कराने के लिए उन्होंने कई सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन आयकर विभाग के अधिकारियों से अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।
2025 में मिला था पहला नोटिस
विष्णु कुमार प्रजापत के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले 11 मार्च 2025 को बूंदी स्थित आयकर विभाग से एक नोटिस मिला था।
उस नोटिस में आरोप लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान उन्होंने सुरेंद्र सिंह बाबेल नाम के व्यक्ति के साथ 10.61 करोड़ रुपए का लेन-देन किया था।
हालांकि, प्रजापत ने ऐसे किसी व्यक्ति या लेन-देन की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।
दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका
आयकर और जीएसटी पोर्टल पर जांच करने पर उन्हें पता चला कि 19 मार्च 2020 को मुंबई के गिरगांव में ‘भूमिका ट्रेडिंग’ नाम की एक फर्म उनके दस्तावेजों का उपयोग कर पंजीकृत की गई थी।
प्रजापत को शक है कि अज्ञात लोगों ने उनके आधार, पैन और अन्य दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह फर्म रजिस्टर की और उनकी जानकारी के बिना करोड़ों रुपए के लेन-देन किए।
रिकॉर्ड के अनुसार, इस फर्म ने एक अन्य कंपनी के साथ करीब 2.83 करोड़ रुपए का लेन-देन भी किया था, जिससे प्रजापत का कोई संबंध नहीं है।
सालाना आय सिर्फ 95 हजार रुपए
विष्णु कुमार प्रजापत ने बताया कि उन्होंने पहली बार अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया, जिसमें उन्होंने अपनी वार्षिक आय केवल 95,000 रुपए घोषित की है।
पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर
इस मामले को लेकर 16 अप्रैल 2025 को प्रजापत ने गेंडोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पैन कार्ड नंबर का इस्तेमाल कर व्यावसायिक लेन-देन किए गए और उनके नाम पर कर नोटिस जारी किए गए।
हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें जानकारी दिए बिना ही मामले में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) दाखिल कर दी।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
बुधवार को परेशान विष्णु कुमार प्रजापत ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी।
बूंदी के पुलिस अधीक्षक अवनीश शर्मा ने कहा कि पीड़ित की शिकायत पहले दर्ज की गई थी और अब मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी।
