उत्तरकाशी के डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में रह रहे छात्रों ने भोजन और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो महीनों से कीड़ों वाला और दूषित भोजन परोसा जा रहा है, जबकि छात्रावास में सफाई की स्थिति भी बेहद खराब है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में रह रहे छात्रों ने भोजन और सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि पिछले करीब दो महीनों से उन्हें गुणवत्ताहीन, दूषित और कीड़ों वाला भोजन परोसा जा रहा है। साथ ही छात्रावास में सफाई व्यवस्था भी बेहद खराब है, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
मामले को लेकर छात्रों ने छात्रावास प्रशासन और जिला समाज कल्याण विभाग से शिकायत भी की है, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
खुले चूल्हे पर बन रहा भोजन, भोजन में गिर रहे कीड़े
छात्रों के अनुसार, छात्रावास में भोजन निर्धारित रसोईघर की बजाय खुले स्थान पर लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि खाना बनाते समय आसपास की दीवारों और खुले वातावरण से कीड़े चावल, दाल और सब्जी में गिर जाते हैं, इसके बावजूद वही भोजन छात्रों को परोस दिया जाता है।
छात्रों का कहना है कि इस स्थिति के कारण उन्हें मजबूरी में दूषित भोजन खाना पड़ रहा है, जिससे बीमार होने का खतरा बढ़ गया है।
कैंटीन संचालक बदलने के बाद बिगड़ी व्यवस्था
छात्रों का आरोप है कि करीब दो महीने पहले कैंटीन संचालक बदलने के बाद से भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब होती चली गई। उनका कहना है कि वर्तमान संचालक निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहा और निजी लाभ के लिए खुले स्थान पर खाना तैयार कराया जा रहा है। छात्रों ने मांग की है कि भोजन व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
सफाई व्यवस्था भी बदहाल
भोजन के अलावा छात्रावास की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्रों ने गंभीर शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते, जिससे परिसर में गंदगी फैल जाती है।
कुछ छात्रों का आरोप है कि कई बार उन्हें स्वयं नालियों और छात्रावास परिसर की सफाई करनी पड़ती है, क्योंकि समय पर सफाई नहीं होती।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
छात्रों का कहना है कि उन्होंने छात्रावास अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने जिला समाज कल्याण कार्यालय में भी अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन वहां से भी संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
छात्रों का कहना है कि अधिकांश निवासी अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और दूर-दराज के क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए यहां आए हैं। ऐसे में बेहतर भोजन और सुरक्षित वातावरण उनका अधिकार है।
समाज कल्याण अधिकारी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें हाल ही में इस संबंध में जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि कैंटीन संचालक से बातचीत की जाएगी और शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने की बेहतर व्यवस्था की मांग
छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं ने प्रशासन से स्वच्छ भोजन, नियमित सफाई और बेहतर छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है। छात्रों की सेहत और शिक्षा दोनों इस समय खतरे में हैं.
