
मास्को, 23 मार्च। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद रूस ने इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखा है। रूस का कहना है कि मौजूदा तनाव का समाधान केवल राजनीतिक और रणनीतिक तरीकों से ही निकाला जाना चाहिए।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि मौजूदा स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि मामले को राजनीतिक और रणनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। यही ऐसे तरीके हैं जिनसे इलाके में व्याप्त तनाव को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है।”
परमाणु संयंत्र पर हमले को बताया खतरनाक
रूस ने ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाए जाने की धमकी को भी बेहद खतरनाक बताया है। पेसकोव के अनुसार, अगर किसी परमाणु फैसिलिटी पर हमला होता है तो इसके गंभीर और दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रूस ने इस मामले में अपनी चिंताओं से अमेरिका को भी अवगत करा दिया है और ऐसे हमलों से बचने की अपील की है।
नतांज परमाणु केंद्र पर हमले की भी निंदा
रूस ने हाल ही में ईरान के नतांज परमाणु परिसर पर हुए हमले की भी कड़ी निंदा की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था।
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने भी इस घटना पर चिंता जताई थी। एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद रेडियोएक्टिव रिसाव की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
ईरान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र
नतांज ईरान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है, जहां यूरेनियम एनरिचमेंट किया जाता है। इस्फहान प्रांत में स्थित इस केंद्र का बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बनाया गया है, जिससे इसे सुरक्षा के लिहाज से मजबूत माना जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को हुए हमले में परिसर के प्रवेश द्वार के पास कुछ इमारतों को हल्का नुकसान पहुंचा था।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रूस लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान ही सबसे बेहतर रास्ता है।
