SENA देशों में लगातार खराब प्रदर्शन, इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रन से हराकर सीरीज भी 2-0 से अपने नाम कर ली।

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दो मुकाबले गंवाने के बाद टीम सीरीज हार चुकी है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम SENA देशों में लगातार खराब प्रदर्शन का एक बड़ा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। SENA का मतलब South Africa, England, New Zealand और Australia है।
18 टेस्ट से जीत का इंतजार
पाकिस्तान ने SENA देशों में अपना पिछला टेस्ट मैच मई 2018 में जीता था। यह मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला गया था। उस जीत के बाद से पाकिस्तान की टीम इन चार देशों में 18 टेस्ट मुकाबले खेल चुकी है, लेकिन एक भी मैच जीतने में सफल नहीं रही।
इन 18 टेस्ट में:
- 16 मैचों में पाकिस्तान को हार मिली।
- 2 मुकाबले ड्रॉ रहे।
- एक भी जीत दर्ज नहीं हुई।
यानी पाकिस्तान को SENA देशों में टेस्ट जीत हासिल किए हुए करीब आठ साल हो चुके हैं। लॉर्ड्स में मिली ताजा हार ने इस खराब रिकॉर्ड को और लंबा कर दिया है।
इंग्लैंड ने रखा 389 रन का लक्ष्य
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 290 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इसके बाद पाकिस्तान के पास अच्छी बल्लेबाजी करके बढ़त हासिल करने का मौका था। लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम पहली पारी में सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इससे पाकिस्तान की स्थिति काफी कमजोर हो गई।
पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में भी पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। इंग्लिश टीम दूसरी पारी में 208 रन पर ऑलआउट हुई। इस तरह पाकिस्तान के सामने मैच जीतने के लिए 389 रनों का लक्ष्य था। टेस्ट क्रिकेट में इस तरह के बड़े लक्ष्य का पीछा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक बार फिर लड़खड़ा गई और पूरी टीम 194 रन पर आउट हो गई।नतीजा यह रहा कि इंग्लैंड ने मुकाबला 194 रनों से अपने नाम कर लिया।
पाकिस्तान की दूसरी पारी को समेटने में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभाई। ओली रॉबिन्सन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट हासिल किए। उनके अलावा जोश टंग ने 3 विकेट और जॉफ्रा आर्चर ने 2 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। पाकिस्तानी बल्लेबाज बड़े लक्ष्य का दबाव झेल नहीं पाए और पूरी टीम 194 रन पर पवेलियन लौट गई।
पहले टेस्ट में भी मिली थी करारी हार
लॉर्ड्स टेस्ट से पहले पाकिस्तान को सीरीज के पहले मुकाबले में भी बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन से हराया था। पहले टेस्ट के बाद दूसरे मुकाबले में भी पाकिस्तान की बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज गंवा चुका है।
इंग्लैंड ने सीरीज में बनाई 2-0 की अजेय बढ़त
लॉर्ड्स टेस्ट में जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। अब पाकिस्तान के पास सिर्फ आखिरी टेस्ट में अपनी प्रतिष्ठा बचाने का मौका है। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 9 सितंबर 2026 से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाना है। पाकिस्तान की कोशिश होगी कि वह आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज का अंत जीत के साथ करे और SENA देशों में चल रही अपनी टेस्ट जीत की लंबी प्रतीक्षा को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
SENA देशों में पाकिस्तान का प्रदर्शन चिंता का विषय
SENA देशों में टेस्ट क्रिकेट खेलना किसी भी एशियाई टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए काफी मददगार हो सकती हैं। लेकिन पाकिस्तान जैसी मजबूत क्रिकेट टीम के लिए 18 टेस्ट तक जीत हासिल न कर पाना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। खास तौर पर पाकिस्तान की बल्लेबाजी इस दौरान टीम की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक रही है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी पहली पारी में 110 और दूसरी पारी में 194 रन पर ऑलआउट होना इसकी बड़ी मिसाल है।
