NEET UG का बदलेगा एग्जाम पैटर्न! 💻📚 जल्द कागज-OMR की जगह कंप्यूटर पर हो सकती है परीक्षा।

NEET UG देने वाले लाखों छात्रों के लिए परीक्षा के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG को पेन-पेपर मोड से हटाकर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में बदलने की तैयारी कर रही है। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में NEET समेत एजेंसी की प्रमुख परीक्षाओं को डिजिटल मोड में आयोजित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। फिलहाल NEET UG का आयोजन OMR शीट के जरिए पेन-पेपर मोड में होता है। अगर CBT व्यवस्था लागू होती है तो छात्रों को परीक्षा केंद्र पर कंप्यूटर के जरिए सवालों के जवाब देने होंगे।
NEET को CBT में बदलने की तैयारी…..
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह के मुताबिक NEET UG अभी एजेंसी की प्रमुख परीक्षाओं में ऐसी परीक्षा है, जो पेपर और OMR शीट के जरिए आयोजित की जाती है। दूसरी ओर JEE, UGC NET, CUET और NIFT जैसी कई परीक्षाएं पहले से कंप्यूटर आधारित तरीके से हो रही हैं। NTA अब अपनी परीक्षा व्यवस्था को धीरे-धीरे डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि NEET जैसी विशाल परीक्षा को ऑनलाइन कराने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी और परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क तैयार करना होगा।
हर साल करीब 20 लाख छात्र देते हैं NEET…..
NEET UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। हर साल करीब 20 लाख उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में सभी छात्रों के लिए एक साथ पर्याप्त कंप्यूटर और सुरक्षित परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराना NTA के सामने बड़ी चुनौती होगी। इसी वजह से CBT व्यवस्था लागू करने से पहले परीक्षा केंद्रों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
नंदन नीलेकणि की अगुवाई में टास्क फोर्स…..
NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने की प्रक्रिया पर एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स भी काम कर रही है। इसकी अगुवाई Infosys के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। यह टीम परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने के अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही है। NEET जैसी बड़ी परीक्षा के लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार करना इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सरकारी कॉलेज बन सकते हैं परीक्षा केंद्र…..
CBT मोड के लिए देशभर में परीक्षा केंद्रों का मजबूत नेटवर्क जरूरी होगा। इसी दिशा में NTA, AICTE के साथ मिलकर सरकारी कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों को परीक्षा केंद्र के तौर पर इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। अगर पर्याप्त कंप्यूटर आधारित केंद्र तैयार हो जाते हैं तो बड़ी संख्या में छात्रों को परीक्षा कराने की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
पेपर लीक जैसी समस्याओं पर लग सकती है लगाम…..
कंप्यूटर आधारित परीक्षा का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि प्रश्नपत्र की छपाई और उसे अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जरूरत कम हो जाएगी। इससे पेपर की प्रिंटिंग, स्टोरेज और वितरण से जुड़ी संभावित गड़बड़ियों को कम करने में मदद मिल सकती है। CBT व्यवस्था के साथ साइबर सिक्योरिटी भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। परीक्षा प्रणाली को हैकिंग, डेटा चोरी और अन्य डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था की जरूरत होगी।
परीक्षा में AI का भी बढ़ सकता है इस्तेमाल…..
NTA परीक्षा प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी काम कर रहा है। AI और डेटा एनालिटिक्स की मदद से परीक्षा में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और संभावित फ्रॉड की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है। इसके अलावा उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए आधार आधारित सिस्टम और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी परीक्षा व्यवस्था में किया जा रहा है।
अभी क्या है छात्रों के लिए जरूरी….?
NEET UG को CBT मोड में बदलने की तैयारी जरूर चल रही है, लेकिन छात्रों के लिए यह समझना जरूरी है कि बदलाव लागू होने तक आधिकारिक परीक्षा पैटर्न और नियमों की जानकारी NTA की अधिसूचना से ही स्पष्ट होगी। फिलहाल NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को पढ़ाई पर फोकस रखने के साथ NTA की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। अगर CBT व्यवस्था लागू होती है तो कंप्यूटर आधारित परीक्षा का अभ्यास भी छात्रों की तैयारी का अहम हिस्सा बन सकता है। आने वाले समय में NTA का लक्ष्य केवल भारत में परीक्षा व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसी तकनीकी प्रणाली तैयार करना भी है जिसका इस्तेमाल भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा सके।
