गधी का दूध आखिर इतना महंगा क्यों बिकता है? जानिए कौन-सी नस्ल सबसे ज्यादा दूध देती है

गधी का दूध (Donkey Milk) इन दिनों दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी कीमत कई जगहों पर हजारों रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गधी के दूध की संरचना मानव दूध के काफी करीब मानी जाती है, जिसके कारण यूरोप के कई देशों में बच्चों के पोषण पर होने वाले शोधों में भी इसकी चर्चा होती रही है।
कौन-सी नस्ल देती है सबसे ज्यादा दूध?
विशेषज्ञों के अनुसार, मार्टिना फ्रांका (Martina Franca) नस्ल की गधी दुनिया की सबसे अधिक दूध देने वाली नस्लों में गिनी जाती है। यह नस्ल मुख्य रूप से इटली में पाई जाती है और बेहतर देखभाल के साथ अन्य नस्लों की तुलना में अधिक दूध उत्पादन करती है।
इसके अलावा रागुसाना (Ragusana) और अमीआटा (Amiata) नस्लें भी दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
बच्चों की सेहत के लिए क्यों खास माना जाता है?
गधी के दूध को लेकर यूरोप में कई वर्षों से शोध किए जा रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी संरचना मानव स्तन दूध से कुछ हद तक मिलती-जुलती है। इसमें मौजूद कुछ प्रोटीन और पोषक तत्व इसे खास बनाते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन बच्चों को गाय के दूध के कुछ प्रोटीन से एलर्जी होती है, उनके लिए कुछ मामलों में डॉक्टरों की निगरानी में गधी के दूध से बने विशेष पोषण उत्पादों का उपयोग किया जाता है। हालांकि, यह सभी बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं होता और इसे मां के दूध का विकल्प भी नहीं माना जाता।
पोषण का खजाना
गधी के दूध में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- विटामिन A, B, C, D और E
- कैल्शियम
- फॉस्फोरस
- मैग्नीशियम
- ओमेगा फैटी एसिड
- एंटीऑक्सीडेंट तत्व
इन पोषक तत्वों के कारण इसे बच्चों की हड्डियों, प्रतिरक्षा प्रणाली और समग्र विकास के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य दावे को चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं अपनाना चाहिए।
इतना महंगा क्यों बिकता है?
गधी का दूध बेहद सीमित मात्रा में प्राप्त होता है। एक गधी औसतन प्रतिदिन केवल 0.5 से 1.5 लीटर तक दूध देती है। यही वजह है कि इसकी मांग अधिक और आपूर्ति कम रहती है।
बाजार में इसकी कीमत 3,000 रुपये से लेकर 8,000 रुपये प्रति लीटर या कई जगहों पर इससे भी अधिक हो सकती है। कुछ देशों में इसे “व्हाइट गोल्ड” (White Gold) तक कहा जाता है।
कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में भी बढ़ी मांग
गधी के दूध का उपयोग केवल खाद्य उत्पादों तक सीमित नहीं है। इससे साबुन, फेस क्रीम, मॉइस्चराइजर और कई स्किन केयर उत्पाद भी बनाए जाते हैं। त्वचा को मुलायम रखने वाले गुणों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत में भी बढ़ रहा है कारोबार
भारत में डंकी मिल्क अभी एक उभरता हुआ व्यवसाय है। कुछ राज्यों में पशुपालक इसकी व्यावसायिक संभावनाओं को देखते हुए गधी पालन की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
