जिस सांप को देखकर लोग डर जाते हैं, वही किसानों का सबसे बड़ा मददगार है। धामन सांप खेतों में चूहों का सफाया कर फसलों को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।

खेतों में चूहों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। चूहे फसलों, बीजों और भंडारित अनाज को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में प्रकृति ने किसानों को एक ऐसा प्राकृतिक रक्षक दिया है, जो बिना किसी खर्च के चूहों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस सांप का नाम है धामन सांप (Rat Snake)।
किसानों का दोस्त माना जाता है धामन सांप
धामन भारत में पाया जाने वाला एक सामान्य और गैर-विषैला सांप है। इसे अंग्रेजी में रैट स्नेक (Rat Snake) कहा जाता है। इसका मुख्य भोजन चूहे, छिपकलियां, मेंढक और छोटे जीव होते हैं। यही वजह है कि इसे किसानों का मित्र भी कहा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार एक धामन सांप सालभर में बड़ी संख्या में चूहों का शिकार कर सकता है, जिससे खेतों में फसलों को होने वाला नुकसान कम हो जाता है।
फसलों को बचाने में निभाता है अहम भूमिका
धान, गेहूं, मक्का और दलहन जैसी फसलों में चूहे बड़ी मात्रा में नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार किसान चूहों को मारने के लिए रासायनिक जहर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पर्यावरण और अन्य जीव-जंतुओं को भी खतरा होता है।
धामन सांप प्राकृतिक रूप से चूहों का शिकार करता है और खेतों में जैविक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए पर्यावरण विशेषज्ञ किसानों को ऐसे उपयोगी जीवों को नुकसान न पहुंचाने की सलाह देते हैं।
जहरीला नहीं होता धामन
ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग धामन सांप को देखकर डर जाते हैं और उसे जहरीला समझ लेते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि धामन सांप गैर-विषैला (Non-Venomous) होता है और आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता।
यदि उसे छेड़ा न जाए तो वह मनुष्यों से दूर रहने की कोशिश करता है। यही कारण है कि वन्यजीव विशेषज्ञ इसे इंसानों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित सांप मानते हैं।
लंबाई और रफ्तार के लिए प्रसिद्ध
धामन सांप भारत के सबसे लंबे सांपों में से एक माना जाता है। इसकी लंबाई 6 से 10 फीट या इससे भी अधिक हो सकती है। यह अपनी तेज रफ्तार के लिए भी जाना जाता है और खतरा महसूस होने पर तेजी से भाग निकलता है।
पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी जरूरी
धामन केवल किसानों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यह चूहों की आबादी को नियंत्रित करके खाद्य श्रृंखला का संतुलन बनाए रखता है। यदि ऐसे सांपों की संख्या कम हो जाए तो चूहों की आबादी तेजी से बढ़ सकती है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सांप को पकड़कर खेत में छोड़ना सही नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली जीवों को एक स्थान से पकड़कर दूसरे स्थान पर छोड़ना उचित नहीं है। धामन सांप यदि प्राकृतिक रूप से खेतों के आसपास मौजूद है तो वह चूहों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन वन्यजीवों को पकड़ना या स्थानांतरित करना कई क्षेत्रों में कानून के तहत प्रतिबंधित हो सकता है।
