भारत का गलत नक्शा दिखाने पर विवाद, लवलीना बोरगोहेन की आपत्ति के बाद रेस्टोरेंट ने डिलीट किया इंस्टाग्राम अकाउंट

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए रजत पदक जीतने वाली स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन द्वारा भारतीय नक्शे को लेकर उठाई गई आपत्ति के बाद ग्लासगो स्थित ‘मिस्टर सिंह इंडिया’ नामक रेस्टोरेंट विवादों में आ गया। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल होने के बाद रेस्टोरेंट ने पहले माफी मांगी और अपने लोगो में बदलाव का भरोसा दिया। इसके बाद अब रेस्टोरेंट का इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर दिया गया है।
यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और भारतीय यूजर्स के बीच भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
क्या है पूरा मामला?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम ग्लासगो के ‘मिस्टर सिंह इंडिया’ रेस्टोरेंट में जश्न मनाने पहुंची थी।इसी दौरान लवलीना बोरगोहेन की नजर रेस्टोरेंट के लोगो पर पड़ी, जिसमें भारत का नक्शा दर्शाया गया था। आरोप है कि उस नक्शे में पूर्वोत्तर भारत (North East) के सभी राज्यों को नहीं दिखाया गया था, जबकि जम्मू-कश्मीर का भी हिस्सा अधूरा नजर आ रहा था।रेस्टोरेंट के इसी लोगो का इस्तेमाल नैपकिन सहित अन्य ब्रांडिंग सामग्री पर भी किया गया था।
लवलीना खुद असम से आती हैं. भारतीय बॉक्सर का कहना था कि भारत के नक्शे से नॉर्थ-ईस्ट का हिस्सा गायब होने पर वे बहुत आहत हैं. जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उसके कुछ समय बाद ही उस रेस्टोरेंट की ओर से माफी मांगी गई और कहा गया कि लोगो बदल दिया जाएगा.
रेस्टोरेंट ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद रेस्टोरेंट की ओर से सार्वजनिक रूप से माफी जारी की गई।
रेस्टोरेंट प्रबंधन ने कहा कि—
- किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
- विवादित लोगो को बदला जाएगा।
- भविष्य में सही नक्शे का इस्तेमाल किया जाएगा।
अब डिलीट कर दिया इंस्टाग्राम अकाउंट
इस पूरे विवाद के बीच ‘मिस्टर सिंह इंडिया’ रेस्टोरेंट ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट ही डिलीट कर दिया है. बता दें कि लवलीना द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद सोशल मीडिया पर ‘मिस्टर सिंह इंडिया’ रेस्टोरेंट को जमकर निशाना बनाया गया था. संभव है कि इंटरनेट ट्रोलिंग से बचने के लिए अकाउंट डिलीट किया गया हो.
खैर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुए. भारत के 14 बॉक्सरों में से 10 ने मेडल जीता, जिनमें से सात मुक्केबाजों ने गोल्ड मेडल पर निशाना साधा था.
