भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को पार्टी की सफलता का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि यदि मोदी नेतृत्व नहीं होता, तो भाजपा लोकसभा चुनावों में 150 सीटें भी नहीं जीत पाती। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचित वर्गों ने जिस विश्वास के साथ मोदी जी को स्वीकार किया है, उसी के परिणामस्वरूप भाजपा को नई राजनीतिक ज़मीन मिली है। दुबे का मानना है कि आने वाले वर्षों में भी पार्टी को आगे ले जाने के लिए मोदी नेतृत्व की आवश्यकता बनी रहेगी।

मोदी नेतृत्व से बदली भाजपा की किस्मत
निशिकांत दुबे ने कहा कि मोदी नेतृत्व के कारण भाजपा ने उन मतदाता वर्गों में भी प्रवेश किया है, जो पहले पार्टी से दूर थे। विशेषकर गरीब और ग्रामीण मतदाताओं ने मोदी जी की नीतियों और विचारधारा पर भरोसा जताया है। इसका असर यह हुआ है कि पार्टी को कई नए राज्यों में समर्थन मिला है और वह राष्ट्रीय स्तर पर पहले से अधिक मजबूत बनकर उभरी है।
अगर मोदी नहीं होते नेता तो भाजपा 150 सीटें भी न जीत पाती
दुबे ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि अगर मोदी नेतृत्व नहीं होता, तो भाजपा की स्थिति बहुत कमजोर होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद ही भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिला है और यह समर्थन किसी भी अन्य नेता के नेतृत्व में संभव नहीं था।

2029 तक भी मोदी नेतृत्व की आवश्यकता
निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि पार्टी को 2029 का लोकसभा चुनाव भी मोदी नेतृत्व में ही लड़ना पड़ेगा। उन्होंने यह बात दोहराई कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में उन्हें पूरा विश्वास है कि नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व ही भाजपा को आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मोदी जी की आवश्यकता है और उनका नेतृत्व ही भाजपा की जीत की गारंटी है।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए जरूरी है मोदी नेतृत्व
दुबे का मानना है कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शारीरिक रूप से सक्षम हैं, देश को उनके नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह कोई विवादित बयान नहीं है बल्कि ज़मीनी सच्चाई है। मोदी जी के नेतृत्व में ही देश 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी नाम ही देश की जनता के लिए एक विश्वास और आश्वासन का प्रतीक बन चुका है।
मोदी के नेतृत्व में भाजपा का राज्यों में विस्तार
मोदी नेतृत्व के अंतर्गत भाजपा ने कई नए राज्यों में पहली बार सरकार बनाई है। त्रिपुरा, असम, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में भाजपा ने अपनी राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत किया है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी अपने संगठन को विस्तारित किया है, जो पहले भाजपा का गढ़ नहीं माने जाते थे।
मोदी नेतृत्व का प्रभाव: लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता
मोदी नेतृत्व के तहत भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों में 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और पहली बार अपने बलबूते सरकार बनाई। 2019 में यह आंकड़ा बढ़कर 303 हुआ। एनडीए ने 350 से अधिक सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि मोदी जी के नेतृत्व में जनता ने बार-बार भाजपा पर भरोसा जताया है।

ज़मीनी हकीकत में मोदी नेतृत्व की भूमिका
निशिकांत दुबे ने अपने व्यक्तिगत राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि 2009 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा था और केवल 6,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उस समय उन्हें छह में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा। यह उदाहरण उन्होंने यह स्पष्ट करने के लिए दिया कि तब पार्टी की स्थिति क्या थी और अब मोदी नेतृत्व के कारण किस तरह से भाजपा को व्यापक समर्थन प्राप्त है।
निष्कर्ष
निशिकांत दुबे के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि भाजपा की चुनावी सफलता और जनसमर्थन मोदी नेतृत्व पर निर्भर करता है। देश की जनता ने मोदी जी में जो विश्वास जताया है, वह पार्टी की मजबूती का आधार बन चुका है। भाजपा के लिए भविष्य की राजनीति भी मोदी नेतृत्व से ही संभव और सफल होगी।
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