महंगाई की मार के बीच मिलावट का डर! प्याज-चीनी महंगी, खाद्य सुरक्षा पर भी सख्ती जारी।

महंगाई का असर अब सीधे आम आदमी की रसोई के बजट पर दिखाई दे रहा है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई खाद्य चीजों के दाम बढ़ने से घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। प्याज और चीनी की कीमतों में तेजी ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है, वहीं दाल, खाद्य तेल, अंडे और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। दूसरी तरफ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर भी चिंता बनी हुई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और राज्यों के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य उत्पादों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है। कहीं उत्पादों की बिक्री पर रोक लग रही है तो कहीं लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं।
प्याज ने बढ़ाया रसोई का खर्च….
रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाला प्याज इन दिनों आम लोगों के बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के अंतिम सप्ताह में प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत एक साल पहले की तुलना में काफी अधिक रही। कई शहरों में खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने और कुछ स्थानों पर कम कीमत पर बिक्री जैसे कदम उठा रही है। इन उपायों का असर अलग-अलग बाजारों में अलग-अलग नजर आ सकता है और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत हर जगह नहीं मिल रही है।
चीनी की कीमतों ने भी बिगाड़ा बजट….
प्याज के साथ चीनी की कीमतों में भी तेजी ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई से अगस्त के बीच चीनी की कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। चीनी की कीमत बढ़ने का असर केवल चाय और मिठाई तक सीमित नहीं है। घरों के अलावा बेकरी, मिठाई और दूसरी खाद्य वस्तुओं की लागत पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
दाल, तेल और अंडे भी चिंता बढ़ा रहे….
रसोई का खर्च सिर्फ प्याज और चीनी की वजह से नहीं बढ़ रहा। दाल, चावल, खाद्य तेल और अंडे जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जब एक साथ कई जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ता है। खासकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए रोजमर्रा के खाने-पीने का खर्च संभालना चुनौती बन सकता है।
महंगाई के साथ मिलावट का भी खतरा….
एक तरफ लोगों को महंगे खाद्य पदार्थ खरीदने पड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले उत्पादों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ FSSAI तथा राज्य स्तर की एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। हाल की कार्रवाइयों में कुछ मसाला और हींग उत्पादों के साथ-साथ घी से जुड़े उत्पाद भी जांच के दायरे में आए हैं। इससे उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे खाद्य उत्पाद खरीदते समय केवल कीमत न देखें, बल्कि लेबल और गुणवत्ता संबंधी जानकारी भी जांचें।
घी उत्पादों पर भी हुई कार्रवाई….
खाद्य सुरक्षा से जुड़ी एक कार्रवाई में दमन स्थित एक कंपनी के कुछ घी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई। जांच के दौरान लिए गए नमूनों में ऐसे तत्वों और फैटी एसिड संरचना से जुड़ी गड़बड़ियां बताई गईं, जो शुद्ध घी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े करती हैं। ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करना है।
होटल-रेस्टोरेंट भी जांच के घेरे में….
खाद्य सुरक्षा एजेंसियां केवल पैकेज्ड फूड तक सीमित नहीं हैं। होटल, रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स की हाइजीन व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में बासी भोजन, साफ-सफाई की कमी, कीड़ों की मौजूदगी, खाद्य सामग्री के गलत भंडारण और कोल्ड स्टोरेज से जुड़ी कमियां सामने आने की जानकारी दी गई। कुछ प्रमुख फूड चेन के आउटलेट्स भी ऐसी जांच के दायरे में आए हैं। इससे यह साफ है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक सभी के लिए जरूरी है।
आम ग्राहक क्या सावधानी बरतें….?
महंगाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी खबरों के बीच उपभोक्ताओं के लिए थोड़ी सावधानी बेहद जरूरी है। पैकेज्ड फूड खरीदते समय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट, सामग्री की सूची, पोषण संबंधी जानकारी और पैकेज की स्थिति जरूर जांचें। रेस्टोरेंट में खाना खाते समय भी साफ-सफाई और हाइजीन पर ध्यान दें। अगर किसी खाद्य उत्पाद या प्रतिष्ठान को लेकर संदेह हो तो संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा सकती है।
महंगाई और मिलावट की दोहरी चुनौती….
प्याज, चीनी और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जहां घरेलू बजट को प्रभावित कर रहा है, वहीं खाद्य मिलावट और खराब हाइजीन की घटनाएं उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही हैं। ऐसे समय में सरकार और खाद्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के साथ ग्राहक की जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। सस्ता या महंगा होने से ज्यादा जरूरी है कि जो खाद्य सामान घर में आ रहा है, वह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो।
