जम्मू-कश्मीर के यूसमर्ग में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। ‘ऑपरेशन अशदार’ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी यासिर को मार गिराया गया।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऑपरेशन अशदार के तहत शनिवार, 5 सितंबर को यूसमर्ग इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी यासिर को मार गिराया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक मारे गए आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी नागरिक यासिर के रूप में हुई है।
ऑपरेशन अशदार के दौरान हुआ एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन अशदार के दौरान सुरक्षा बलों का सामना यासिर से हुआ। मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया। पुलिस ने अपनी जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनकाउंटर में मारा गया आतंकी पाकिस्तानी नागरिक था और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।
सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को कश्मीर में चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यासिर लश्कर-ए-तैयबा के सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा रह चुका था। हालांकि, बताया गया है कि करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था और इसके बाद अलग तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा था। जांच एजेंसियां अब उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
यूसमर्ग में प्रमुख कमांडर के तौर पर बना था पहचान
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यासिर यूसमर्ग इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख कमांडर के तौर पर सक्रिय था। सुरक्षा बल काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। शनिवार को सुरक्षा बलों और यासिर के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया। कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
अब यासिर के नेटवर्क की होगी जांच
यासिर के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच अब उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों पर केंद्रित हो सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि वह किन लोगों के संपर्क में था और कश्मीर में उसकी गतिविधियों का दायरा कितना था। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि यासिर किसी बड़ी आतंकी साजिश या गतिविधि की तैयारी में शामिल था या नहीं।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। ऐसे अभियानों में स्थानीय स्तर पर आतंकियों के नेटवर्क, उनके सहयोगियों और संपर्कों की जानकारी जुटाना भी सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता रहती है। यासिर के एनकाउंटर के बाद अब सुरक्षा बलों का फोकस उसके संभावित सहयोगियों और नेटवर्क तक पहुंचने पर रहने की उम्मीद है।
Disclaimer: यह खबर जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जारी जानकारी और उपलब्ध विवरण पर आधारित है।
