पूर्व क्रिकेटर एस बद्रीनाथ ने वाशिंगटन सुंदर और नीतीश रेड्डी की वापसी पर गौतम गंभीर पर कसा तंज।

भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू होने वाली है. इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में कुछ खिलाड़ियों की वापसी ने चर्चा तेज कर दी है. चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी अब फिट होकर स्क्वाड में शामिल किए गए हैं.
दोनों की वापसी के बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस बद्रीनाथ ने ऐसा बयान दिया है, जिसने टीम चयन और खिलाड़ियों को मिल रहे सपोर्ट को लेकर बहस छेड़ दी है. बद्रीनाथ ने वाशिंगटन सुंदर और नीतीश रेड्डी का जिक्र करते हुए भारतीय कोच गौतम गंभीर पर तंज कसा और कहा कि कोच के पसंदीदा खिलाड़ी वापस आ गए हैं.
‘कोच के फेवरेट खिलाड़ी वापस आ गए’
एस बद्रीनाथ ने अपने यूट्यूब चैनल पर वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी पर बात करते हुए कहा कि कोच के पसंदीदा खिलाड़ी टीम में लौट आए हैं. उन्होंने खासतौर पर वाशिंगटन सुंदर को लेकर टीम मैनेजमेंट के समर्थन की बात कही. बद्रीनाथ के मुताबिक, सुंदर को भारतीय टीम मैनेजमेंट से काफी समर्थन मिल रहा है और अब उन्हें इस भरोसे का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करनी चाहिए. उनकी इस टिप्पणी को सीधे तौर पर गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है.
सुंदर के प्रदर्शन पर भी उठे सवाल
वाशिंगटन सुंदर को भारतीय टीम में एक उपयोगी ऑलराउंडर के तौर पर देखा जाता है. वह गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं.
हालांकि, हालिया टी20 प्रदर्शन को लेकर उनकी आलोचना भी हुई है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सुंदर अपने पिछले पांच टी20 मैचों में कोई विकेट नहीं ले पाए हैं और बल्ले से भी वह उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं. ऐसे में उनकी टीम में वापसी पर सवाल उठना स्वाभाविक है. बद्रीनाथ का मानना है कि सुंदर को टीम मैनेजमेंट से मिलने वाले भरोसे को मैदान पर प्रदर्शन में बदलना होगा.
नीतीश कुमार रेड्डी पर क्या बोले बद्रीनाथ?
नीतीश कुमार रेड्डी की वापसी पर भी एस बद्रीनाथ ने अपनी राय रखी. उन्होंने नीतीश को लेकर कहा कि वह उन्हें गेंदबाजी के लिहाज से बहुत ऊंचे स्तर का खिलाड़ी नहीं मानते. बद्रीनाथ के मुताबिक, नीतीश को वह मुख्य रूप से एक बल्लेबाज के तौर पर देखते हैं, न कि ऐसे गेंदबाज के रूप में जिस पर टीम काफी निर्भर कर सके.
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नीतीश का अनुभव भी अभी सीमित है. उनके नाम केवल कुछ ही मुकाबले हैं. ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज उनके लिए खुद को साबित करने का एक बड़ा मौका हो सकती है.
चोट के बाद हुई है दोनों की वापसी
वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी दोनों ही चोट के कारण टीम से बाहर थे. अब फिटनेस हासिल करने के बाद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में जगह मिली है.
हालांकि, स्क्वाड में शामिल होना और अंतिम प्लेइंग इलेवन में खेलना दो अलग बातें हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने से पहले फिटनेस से जुड़े सिम्यूलेशन टेस्ट से गुजरना होगा. इसका मतलब है कि अंतिम फैसला उनकी फिटनेस और टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा.
बुमराह की वापसी को लेकर भी बद्रीनाथ ने कही बड़ी बात
एस बद्रीनाथ ने सिर्फ सुंदर और नीतीश की वापसी पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि जसप्रीत बुमराह को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने बुमराह की अफगानिस्तान सीरीज में मौजूदगी को भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर बताया. साथ ही उन्होंने संभावना जताई कि बुमराह खुद टीम मैनेजमेंट के पास गए होंगे और इस सीरीज के तीनों मुकाबले खेलने की इच्छा जताई होगी. बद्रीनाथ का तर्क है कि बुमराह ने हाल के समय में ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है. ऐसे में उनके लिए मैच प्रैक्टिस हासिल करना महत्वपूर्ण हो सकता है. अगर बुमराह पूरी सीरीज में खेलते हैं, तो यह भारत की गेंदबाजी यूनिट के लिए बड़ा प्लस प्वाइंट साबित हो सकता है.
भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज दोनों टीमों के लिए अहम होगी. भारतीय टीम की नजर जहां अपनी मजबूत टीम संयोजन पर होगी, वहीं चोट से लौटने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी सभी की नजरें रहेंगी.
खास तौर पर वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी के लिए यह सीरीज खुद को साबित करने का मौका हो सकती है. दोनों खिलाड़ियों को अगर प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो उनके प्रदर्शन से यह भी पता चलेगा कि टीम मैनेजमेंट ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह कितना सही साबित होता है.
अब नजरें सुंदर और नीतीश के प्रदर्शन पर
एस बद्रीनाथ की टिप्पणी ने भले ही टीम चयन और गौतम गंभीर के फैसलों को लेकर बहस शुरू कर दी हो, लेकिन आखिरकार खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा जवाब मैदान पर प्रदर्शन ही होता है. वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी चोट से वापसी कर रहे हैं. ऐसे में उनके लिए फिटनेस के साथ-साथ फॉर्म हासिल करना भी चुनौती होगी.
अब देखना दिलचस्प होगा कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में दोनों को मौका मिलता है या नहीं और अगर मौका मिलता है, तो वे अपने प्रदर्शन से आलोचकों को किस तरह जवाब देते हैं.
