Skip to content
Bazaart_20250620_024615_864 (1)

हर कदम आपके साथ

Primary Menu
  • HOME
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • SPORTS
  • TRENDING
  • TECHNOLOGY
  • BUSINESS
  • ASTROLOGY
  • STATE
  • ENTERTAINMENT
  • VIDEO
  • Home
  • Health
  • FSSAI New Rules for School Food: बच्चों के खाने पर FSSAI का नया फॉर्मूला, हाई शुगर-फैट और सॉल्ट की तय होगी लिमिट
  • Health
  • Lifestyle

FSSAI New Rules for School Food: बच्चों के खाने पर FSSAI का नया फॉर्मूला, हाई शुगर-फैट और सॉल्ट की तय होगी लिमिट

Mazid Qureshi August 11, 2026 1 minute read

बच्चों के खाने को लेकर FSSAI का नया ड्राफ्ट! अब हाई शुगर, फैट और सॉल्ट वाले फूड की पहचान तय लिमिट के आधार पर होगी. जानिए क्या बदल सकता है.

📰 Latest Posts

  • “छत्तीसगढ़ में Gen Z का नेता कौन”? मोदी या राहुल गांधी पर युवाओं ने दिया चौंकाने वाला जवाब……
  • “राहुल वैद्य-दिशा परमार” का आलीशान आशियाना, छत पर बना है स्विमिंग पूल; फराह खान ने कराया होम टूर…….
  • “UPI Charge” पर अशनीर ग्रोवर का सवाल, बोले- बड़े ट्रांजैक्शन फ्री तो छोटे दुकानदारों से चार्ज क्यों….?
  • “सुरभि चंदना” के घर गणपति भोग से पहले गैस लीकेज, परिवार ने ऐसे संभाली स्थिति……
  • Oracle Layoff : सुबह 6 बजे ईमेल से गई नौकरी, कर्मचारियों को बताया- आज है आखिरी वर्किंग डे……
  • “DU में बैक लगने पर डिग्री नहीं होगी रद्द, जानें बैकलॉग क्लियर करने की पूरी समय सीमा”……
  • “ऋतिक रोशन ने भांजी सुरानिका के 30वें बर्थडे पर लुटाया प्यार, शेयर कीं बचपन की तस्वीरें”…….
  • “पाकिस्तानी हिंदू ने परिवार संग राम मंदिर दर्शन की जताई इच्छा, पोस्ट हुई वायरल”; यूजर्स बोले- “राम सभी के हैं”
  • “अंबानी के गणेशोत्सव” में पहुंचीं मैथिली ठाकुर, ईशा अंबानी से हुई खास मुलाकात; फैंस बोले- बिहार के लिए गर्व की बात……
  • “असम की नागांव सीट पर कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को दिया टिकट, पूर्व CM की बहू लड़ेंगी उपचुनाव”……
  • “मसूद अजहर” पर पाकिस्तान ने बढ़ाया इनाम, भारत ने कहा- सिर्फ घोषणाओं से नहीं होगी आतंकवाद पर कार्रवाई…..
  • “शेयर बाजार पर मंडरा रहा बड़ा खतरा” ! चीन की तेल खरीदारी बढ़ी तो क्यों बढ़ सकती है मुश्किल ?……..
  • ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ पर नन्हीं बच्ची का प्यारा डांस वायरल, एक्सप्रेशंस ने जीता दिल…..
  • तेल, प्याज से लेकर गैस तक क्यों बढ़ रही महंगाई ? जानें किचन का बजट बिगड़ने की बड़ी वजहें…..
  • “नाना पाटेकर-मनीषा कोइराला” के अफेयर की खबरों पर राइटर का रिएक्शन, बोले- दोनों के बीच कुछ तो था……

FSSAI New Rules: स्कूल की कैंटीन में मिलने वाला समोसा, चिप्स, बिस्किट या ठंडी ड्रिंक बच्चों की सेहत के लिए कितनी नुकसानदायक हो सकती है? इस सवाल का जवाब अब सिर्फ अनुमान से नहीं, बल्कि तय मानकों के आधार पर देने की तैयारी हो रही है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने स्कूली बच्चों के खाने को लेकर एक नया ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है.

इस ड्राफ्ट में पहली बार यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि किसी खाद्य पदार्थ में अतिरिक्त चीनी, फैट या नमक की मात्रा कितनी होने पर उसे High Sugar, High Fat या High Salt की श्रेणी में रखा जाएगा. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि यह अभी ड्राफ्ट प्रस्ताव है और अंतिम नियम लागू नहीं हुए हैं. ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं.

स्कूल कैंटीन में मिलने वाले खाने पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

बच्चे दिन का काफी समय स्कूल में बिताते हैं. ऐसे में स्कूल कैंटीन में उन्हें किस तरह का खाना मिलता है, इसका उनकी खान-पान की आदतों पर असर पड़ सकता है.

स्कूलों में पहले से ही ज्यादा फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और विज्ञापन को लेकर नियम मौजूद हैं. लेकिन एक बड़ी समस्या यह थी कि किसी खाद्य पदार्थ को वास्तव में High Fat, High Sugar या High Salt कब माना जाए, इसके लिए स्पष्ट मात्रा तय नहीं थी.

FSSAI का नया ड्राफ्ट इसी कमी को दूर करने की कोशिश करता है. प्रस्ताव लागू होने पर स्कूलों और खाद्य कारोबारियों के लिए यह समझना आसान हो सकता है कि कौन से खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए निर्धारित हाई कैटेगरी में आते हैं.

100 ग्राम खाने में 3 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त चीनी तो हाई शुगर

प्रस्तावित मानकों के अनुसार ठोस खाद्य पदार्थों के लिए अतिरिक्त चीनी, फैट और नमक की कुछ सीमाएं तय की गई हैं.

प्रस्ताव के मुताबिक अगर किसी ठोस खाद्य पदार्थ में 100 ग्राम पर 3 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त चीनी है, तो उसे High Sugar कैटेगरी में रखा जा सकता है.

इसी तरह:

  • 100 ग्राम में 3 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त चीनी — High Sugar
  • 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त फैट — High Fat
  • 100 ग्राम में 0.625 ग्राम से ज्यादा नमक — High Salt

इन प्रस्तावित सीमाओं का उद्देश्य बच्चों के लिए स्कूलों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की पहचान के लिए एक स्पष्ट पैमाना तैयार करना है.

ड्रिंक्स के लिए भी अलग सीमा

बच्चों के बीच लोकप्रिय पेय पदार्थों के लिए भी प्रस्तावित ड्राफ्ट में अलग मानक रखे गए हैं.

प्रस्ताव के अनुसार 100 मिलीलीटर पेय में:

  • 2 ग्राम से ज्यादा अतिरिक्त चीनी — High Sugar
  • 1.5 ग्राम से ज्यादा फैट — High Fat
  • 0.175 ग्राम से ज्यादा नमक — High Salt

अगर कोई पेय इन निर्धारित सीमाओं से ऊपर जाता है, तो उसे संबंधित हाई कैटेगरी में रखा जा सकता है.

इसका मतलब यह है कि भविष्य में स्कूलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की जांच एक तय संख्या के आधार पर की जा सकती है.

क्या हर समोसा या चिप्स तुरंत ‘अनहेल्दी’ घोषित होगा?

प्रस्ताव का उद्देश्य यह तय करना है कि खाद्य पदार्थ में किसी विशेष पोषक तत्व की मात्रा निर्धारित सीमा से ज्यादा होने पर उसे संबंधित High Sugar, High Fat या High Salt कैटेगरी में रखा जाए. यानी किसी खाद्य पदार्थ को केवल स्वाद या सामान्य धारणा के आधार पर अनहेल्दी घोषित करने के बजाय एक निर्धारित पोषण मानक का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे स्कूलों में नियमों की निगरानी और उनके पालन को आसान बनाने में मदद मिल सकती है.

FSSAI ने किन गाइडलाइंस को ध्यान में रखा?

FSSAI के प्रस्तावित मानकों को तैयार करने में भारतीय स्वास्थ्य और पोषण संबंधी गाइडलाइंस को ध्यान में रखा गया है. इनमें ICMR की 2024 की Dietary Guidelines for Indians भी शामिल हैं. इन गाइडलाइंस में संतुलित खान-पान, कम नमक और चीनी के सेवन तथा स्वस्थ भोजन की आदतों पर जोर दिया गया है. स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले भोजन को लेकर भी विशेषज्ञ लंबे समय से पौष्टिक और संतुलित विकल्प उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं.

बच्चों में बढ़ता मोटापा भी बड़ी चिंता

स्कूलों में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट वाले खाद्य पदार्थों पर ध्यान देने के पीछे बच्चों में बढ़ता ज्यादा वजन और मोटापा भी एक बड़ी चिंता है. उपलब्ध वैश्विक आंकड़ों के अनुसार भारत में बड़ी संख्या में बच्चे ज्यादा वजन या मोटापे से प्रभावित हैं. बच्चों की बदलती खान-पान की आदतों, ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और शारीरिक गतिविधि में कमी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चिंता जताते रहे हैं. इसी वजह से बच्चों के आसपास उपलब्ध भोजन के विकल्पों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है.

महाराष्ट्र में भी स्कूलों के खाने को लेकर सख्ती

स्कूलों में हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट वाले खाद्य पदार्थों को लेकर महाराष्ट्र में भी सख्त कदम उठाए गए हैं. राज्य में स्कूलों के अंदर और स्कूल परिसर से 50 मीटर के दायरे में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री, मुफ्त वितरण और विज्ञापन पर रोक से जुड़े निर्देश जारी किए गए हैं. इसके अलावा स्कूल कैंटीन के लिए FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी जोर दिया गया है. ऐसे कदमों का उद्देश्य बच्चों को स्कूल परिसर में ज्यादा पौष्टिक और संतुलित भोजन के विकल्प उपलब्ध कराना है.

नमक और सोडियम में क्या अंतर है?

FSSAI के प्रस्ताव को लेकर एक तकनीकी मुद्दा नमक और सोडियम के बीच अंतर का भी है. अक्सर नमक और सोडियम को एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन दोनों बिल्कुल समान नहीं हैं. सामान्य नमक यानी Sodium Chloride में लगभग 40 प्रतिशत सोडियम होता है. इसलिए अगर किसी नियम में एक जगह सोडियम और दूसरी जगह नमक की मात्रा का इस्तेमाल किया गया है, तो इसकी स्पष्टता जरूरी हो जाती है. ड्राफ्ट पर मिलने वाले सुझावों और आपत्तियों में इस तरह के तकनीकी मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है.

अभी माता-पिता को क्या समझना चाहिए?

माता-पिता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FSSAI का यह प्रस्ताव अभी ड्राफ्ट स्तर पर है. इसका मतलब है कि प्रस्तावित सीमाएं अभी अंतिम नियम नहीं हैं. ड्राफ्ट जारी होने के बाद संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. अगर प्रस्ताव आगे चलकर अंतिम नियमों का रूप लेता है, तो स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले या बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अधिक स्पष्ट मानक उपलब्ध हो सकते हैं. हालांकि, नियम लागू होने का इंतजार किए बिना भी माता-पिता बच्चों की डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे सकते हैं.

पैकेज्ड फूड की लेबलिंग का मामला अलग

पैकेट वाले खाद्य पदार्थों की न्यूट्रिशन लेबलिंग को लेकर भी अलग स्तर पर चर्चा चल रही है. पैकेज्ड फूड के लेबल पर पोषण संबंधी जानकारी किस तरह प्रदर्शित की जाए और उपभोक्ताओं को ज्यादा चीनी, नमक या फैट की जानकारी कितनी स्पष्टता से मिले, इस विषय पर अलग नियामकीय और न्यायिक चर्चा है. लेकिन स्कूलों में बच्चों के लिए High Sugar, High Fat और High Salt खाद्य पदार्थों की सीमा तय करने वाला FSSAI का यह प्रस्ताव एक अलग विषय है.

इसलिए दोनों मामलों को एक ही नियम या प्रक्रिया समझना सही नहीं होगा.

बच्चों के लिए हेल्दी स्नैक के विकल्प

माता-पिता और स्कूल चाहें तो बच्चों के लिए कई बेहतर स्नैक विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं, जैसे:

  • ताजे फल
  • भुना चना
  • मखाना
  • मूंग या बेसन का चीला
  • वेजिटेबल पोहा
  • उपमा
  • दही
  • साबुत अनाज से बने स्नैक्स
  • कम नमक और कम चीनी वाले घरेलू विकल्प

इसका उद्देश्य बच्चों को स्वाद से पूरी तरह दूर करना नहीं, बल्कि उनकी डाइट में बेहतर संतुलन बनाना है.

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध नियामकीय प्रस्तावों के आधार पर तैयार किया गया है. FSSAI का ड्राफ्ट अंतिम नियम नहीं है और इसमें बदलाव संभव है. बच्चों की डाइट से जुड़ी किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या पोषण संबंधी आवश्यकता के लिए योग्य डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें.

🎯 Random Posts

  • “प्रेग्नेंसी के बीच सामंथा रुथ प्रभु का वर्कआउट, डॉक्टर की सलाह से जिम में बहा रहीं पसीना”……
  • Thane Building Collapse: ठाणे में निर्माणाधीन हिस्सा ढहा, 10 वर्षीय मासूम की मौत से इलाके में शोक
  • बीजेपी में खुश नहीं हैं अरुण गोविल? सपा सांसद के बयान से यूपी की राजनीति में हलचल
  • No Image
    अमेरिका ने सभी देशों को रूसी कच्चा तेल खरीदने की मंजूरी दी, कीमतों में आई गिरावट
  • गर्मियों में घूमने का बना रहे हैं प्लान? देहरादून की ये 7 खूबसूरत जगहें बना देंगी आपकी ट्रिप यादगार
  • No Image
    मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भी तय समय पर आएगी ‘पल्लीचट्टंबी’, टोविनो थॉमस ने बताई वजह
  • No Image
    हॉलीवुड डायरेक्टर जैक स्नाइडर ने हुमा कुरैशी की जमकर की तारीफ; ‘आर्मी ऑफ द डेड’ के अनुभव को बताया बेहद खास
  • No Image
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: ग्रेटर नोएडा के हाउसिंग मार्केट में बढ़ेगी मांग
  • No Image
    इजरायल-ईरान युद्ध: लगातार तीसरे दिन विमान परिचालन में रुकावट के चलते एयरलाइन स्टॉक्स फिसले
  • Emraan Hashmi Career: ‘सीरियल किसर’ से लेकर दमदार विलेन तक, जानिए कैसे बदली इमरान हाशमी की पहचान….
  • No Image
    सड़क किनारे बर्तन बेचने वाले कुम्हार को 9 करोड़ का आयकर नोटिस, परिवार सदमे में
  • No Image
    Elitecon International केस: शेयर 60 गुना चढ़ने के बाद गिरा, सेबी को हेरफेर का शक
  • कपूर परिवार की बड़ी बेटी बनीं ‘लाल परी’, 52 की उम्र में भी करिश्मा कपूर का ग्लैमरस अंदाज वायरल……
  • वेनेजुएला मुद्दे पर चीन भड़का, अमेरिका को सख्त चेतावनी
  • “15 साल बाद ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ के सीक्वल पर बड़ा अपडेट, जोया अख्तर ने कही ये बात”…..
Share

Post navigation

Previous: “गौतम अदाणी” को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत, रिश्वत-धोखाधड़ी का आपराधिक केस खारिज; बोले- ‘न्याय पर भरोसा अटूट रहा’ …..
Next: Ayodhya Ram Mandir Tatkal Pass: राम मंदिर में VIP दर्शन का सिस्टम बदला, ऐसे बुक करें तत्काल सुगम दर्शन पास
Copyright @ Acharan news | MoreNews by AF themes.
Privacy Policy Disclaimer Terms & Conditions About Us
Copyright © Acharan News | All Rights Reserved