अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली, तो क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी कर रही हैं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से उन्हें ऑस्ट्रेलिया में महिला प्रीमियर या कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली है. इसके बाद उनकी संभावित क्रिकेट वापसी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अनाया को सीधे महिला बिग बैश लीग (WBBL) में खेलने की अनुमति नहीं मिली है. फिलहाल उन्हें कम्युनिटी स्तर के क्रिकेट में खेलने की मंजूरी मिली है. आगे एलीट क्रिकेट में जाने के लिए उन्हें संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा.
मरिजाने कैप ने फैसले को बताया ‘बेतुका’
अनाया बांगर को क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने के बाद दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी महिला क्रिकेटर मरिजाने कैप ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कैप ने अनाया से जुड़ी खबर को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए फैसले पर आपत्ति जताई. उन्होंने इसे ‘बेतुका’ बताते हुए कहा कि ऐसी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी. अपनी पोस्ट में उन्होंने महिला बिग बैश लीग को भी टैग किया.
कैप की इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की महिला क्रिकेट में भागीदारी और खेलों में लागू पात्रता नियमों को लेकर बहस और तेज हो गई.
अनाया को वास्तव में किस स्तर पर खेलने की अनुमति मिली?
सोशल मीडिया पर कुछ जगहों पर यह दावा किया जा रहा है कि अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग में खेलने की अनुमति मिल गई है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ऐसा नहीं है. उन्हें फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में महिला प्रीमियर यानी कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली है. यह एलीट या अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट से अलग स्तर है. इस अनुमति का मतलब यह है कि अनाया प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं. हालांकि, किसी पेशेवर या एलीट टीम में जगह अपने आप सुनिश्चित नहीं होती. उसके लिए प्रदर्शन, चयन प्रक्रिया और लागू पात्रता नियमों को पूरा करना जरूरी होगा.
क्रिकेट में वापसी को लेकर क्या बोलीं अनाया?
क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने के बाद अनाया बांगर ने इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के बाद अब वह उस खेल में वापसी की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं, जो उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.
अनाया ने बताया कि वह मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट में वापसी की तैयारी कर रही हैं. उनका लक्ष्य आगे चलकर एलीट स्तर का क्रिकेट खेलना है.
उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें किसी टीम में सीधे जगह नहीं मिली है. उनके मुताबिक उन्हें सिर्फ टीम में जगह बनाने का अवसर मिला है और इसके लिए वह कड़ी मेहनत करना चाहती हैं.
अनाया का लक्ष्य एलीट क्रिकेट में वापसी
अनाया लंबे समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की कोशिश कर रही हैं. ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति उनके लिए इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
हालांकि, एलीट क्रिकेट तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होगा. उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन करना होगा और फिर चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा.
यदि वह भविष्य में उच्च स्तर पर खेलने की पात्रता हासिल करती हैं तो उनके लिए ऑस्ट्रेलिया के घरेलू महिला क्रिकेट में आगे बढ़ने के अवसर खुल सकते हैं. लेकिन फिलहाल किसी पेशेवर लीग में उनकी जगह को लेकर कोई पुष्टि नहीं है.
ICC के नियम भी हैं चर्चा का हिस्सा
ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम पहले से मौजूद हैं. नवंबर 2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के लिए ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की पात्रता से संबंधित नीति में बदलाव किया था. इस नीति के तहत पुरुष से महिला ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जो पुरुष यौवन से गुजर चुके हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने से संबंधित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियम और किसी देश में घरेलू या कम्युनिटी क्रिकेट के नियम एक जैसे होना जरूरी नहीं है. इसलिए किसी खिलाड़ी की पात्रता तय करने में संबंधित क्रिकेट बोर्ड और प्रतियोगिता के नियम भी महत्वपूर्ण होते हैं.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अनुमति क्यों महत्वपूर्ण है?
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दुनिया के प्रमुख क्रिकेट बोर्ड में शामिल है. उसके घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए खिलाड़ियों को निर्धारित पात्रता नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है.
अनाया को कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की अनुमति मिलना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. यह अनुमति उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देती है.
हालांकि, इसे सीधे अंतरराष्ट्रीय या महिला बिग बैश लीग क्रिकेट की मंजूरी के रूप में देखना सही नहीं होगा.
महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी पर बहस
अनाया बांगर का मामला सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी तक सीमित नहीं है. इसके साथ महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों की पात्रता से जुड़े व्यापक सवाल भी जुड़े हैं. एक पक्ष का मानना है कि महिला खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक समानता बनाए रखने के लिए स्पष्ट पात्रता नियम जरूरी हैं. वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों के अधिकार, समावेश और खेल में अवसर दिए जाने को लेकर भी चर्चा होती रही है. इसी वजह से अनाया के मामले पर क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
अभी बिग बैश लीग में खेलने की मंजूरी नहीं
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अनाया बांगर को फिलहाल महिला बिग बैश लीग में खेलने की अनुमति मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. उन्हें कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने का अवसर मिला है और आगे का सफर उनके प्रदर्शन, चयन और लागू नियमों पर निर्भर करेगा. अनाया ने भी खुद स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी टीम में जगह नहीं मिली है, बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी का मौका मिला है.
