पाकिस्तान में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 4 दिन में दूसरी बार झटका! ⛽📈

पाकिस्तान की जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दोबारा बढ़ोतरी कर दी है। खास बात यह है कि महज चार दिन के अंतराल में ईंधन के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 14 अगस्त को भी पेट्रोल और डीजल महंगा हुआ था। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है और इसका असर रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर खाद्य पदार्थों और अन्य सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
पेट्रोल और डीजल कितने महंगे हुए….?
18 अगस्त 2026 को पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 5.77 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं हाई-स्पीड डीजल के दाम 6.47 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 331.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई-स्पीड डीजल की कीमत बढ़कर 390.42 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। अगस्त में यह तीसरी बार है जब पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। लगातार हो रही वृद्धि ने पहले से महंगाई का सामना कर रही जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
4 दिन पहले भी बढ़े थे दाम…..
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इससे पहले 14 अगस्त 2026 को बदलाव किया गया था। उस समय पेट्रोल की कीमत में 0.45 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि हाई-स्पीड डीजल 1.16 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। अब सिर्फ चार दिन बाद एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी किए जाने से आम लोगों पर ईंधन का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
इन शहरों में भी लागू होंगे नए दाम…..
पेट्रोल की नई कीमत पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में लागू होगी। कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर, क्वेट्टा, फैसलाबाद, मुल्तान, हैदराबाद और गुजरांवाला जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत अब 331.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। डीजल की कीमत भी इन क्षेत्रों में बढ़कर 390.42 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम….?
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव होता है, तो उसका असर घरेलू पेट्रोलियम कीमतों पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा मुद्रा विनिमय दर और अन्य लागत भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
महंगाई पर और बढ़ सकता है दबाव….
पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन नहीं हैं। माल ढुलाई, सार्वजनिक परिवहन और कृषि समेत कई क्षेत्रों में इनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने पर परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। चार दिन के भीतर दूसरी बार ईंधन की कीमतें बढ़ने से पाकिस्तान में महंगाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इन बढ़ी हुई ईंधन कीमतों का असर बाजार और घरेलू बजट पर कितना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
