मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर सक्रिय हुए चक्रवाती सिस्टम से 23 जून के बाद मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है और गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

नई दिल्ली: देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। करीब 12 दिनों से रुका हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून से मानसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है, जिसकी वजह से मानसून को नई गति मिलने की संभावना है।
12 दिन से क्यों रुका था मानसून?
आमतौर पर मानसून जून के मध्य तक देश के बड़े हिस्से में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी।
लगातार 12 दिनों तक मानसून की प्रगति लगभग थमी रही, जिससे कई राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया और तापमान भी सामान्य से ऊपर बना रहा।
अब क्यों बढ़ेगी मानसून की रफ्तार?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण मानसूनी हवाओं को मजबूती मिल रही है।
इस सिस्टम के प्रभाव से:
- मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
- छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।
- ओडिशा में भी व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
- इसके बाद मानसून उत्तर और पश्चिम भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
विशेष रूप से:
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- झारखंड
- विदर्भ क्षेत्र
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
किसानों के लिए राहत
मानसून की सुस्ती के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही थी। अब बारिश की संभावना बढ़ने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।
गर्मी से मिलेगी राहत
देश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी से लोग परेशान हैं। मानसून के सक्रिय होने और बारिश बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अगले सप्ताह अहम
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 23 जून के बाद का सप्ताह मानसून की प्रगति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो मानसून तेजी से आगे बढ़कर देश के बड़े हिस्से को कवर कर सकता है।
