डिप्रेशन ने बना दिया जानलेवा खतरा! 😨 जोधपुर में 20 वर्षीय युवती अपने ही बाल खाने लगी।

राजस्थान के बाड़मेर से एक दुर्लभ और हैरान कर देने वाला मेडिकल मामला सामने आया है। यहां 20 वर्षीय युवती लंबे समय से डिप्रेशन से पीड़ित थी। मानसिक तनाव के कारण उसे अपने ही बाल खाने की आदत (ट्राइकोफेजिया) लग गई। समय के साथ उसके पेट में बालों का इतना बड़ा गुच्छा जमा हो गया कि वह गंभीर रूप से बीमार हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसके पेट से करीब 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकाला।
वजन घटकर रह गया 25 किलो
परिजनों के अनुसार युवती पिछले कई महीनों से ठीक से खाना नहीं खा पा रही थी। उसे लगातार पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी और भूख न लगने जैसी समस्याएं हो रही थीं। धीरे-धीरे उसका वजन घटते-घटते केवल 25 किलोग्राम रह गया। स्थिति गंभीर होने पर उसे जोधपुर के अस्पताल ले जाया गया।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
डॉक्टरों ने जांच और स्कैन के दौरान पाया कि युवती के पेट और छोटी आंत में बालों का विशाल गुच्छा जमा हुआ है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को रैपुन्ज़ेल सिंड्रोम कहा जाता है, जो बेहद दुर्लभ बीमारी मानी जाती है। यह तब होती है, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक बाल निगलता रहता है और वे पेट में जमा होकर बड़ा गुच्छा बना लेते हैं।
क्या है ट्राइकोफेजिया?
ट्राइकोफेजिया एक दुर्लभ मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति अपने बाल खाने लगता है। लंबे समय तक ऐसा करने पर बाल पेट में जमा होकर ठोस गुच्छा बना लेते हैं, जिसे सामान्य तरीके से शरीर बाहर नहीं निकाल पाता। ऐसी स्थिति में अक्सर ऑपरेशन ही एकमात्र उपचार होता है।
सफल ऑपरेशन से बची जान
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कई घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान युवती के पेट से करीब 62 सेंटीमीटर लंबा बालों का गुच्छा निकाला। ऑपरेशन सफल रहा और अब युवती की हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं होता तो यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती थी।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी रहेगा फोकस
डॉक्टरों के अनुसार युवती का मनोवैज्ञानिक और मनोरोग विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में वह दोबारा इस आदत का शिकार न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि डिप्रेशन, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों का समय पर उपचार बेहद जरूरी है।
