‘गंभीर हटाओ, धोनी लाओ’— पूर्व क्रिकेटर श्रीसंत

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत के एक बयान ने सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। श्रीसंत ने टीम इंडिया के मौजूदा कोचिंग सेटअप को लेकर टिप्पणी करते हुए ऐसा बयान दिया, जिसके बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
‘गंभीर हटाओ, धोनी लाओ’
लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में श्रीसंत ने कहा कि खिलाड़ियों को ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है, जिसकी वे इज्जत करें, न कि ऐसे इंसान की जो पीठ पीछे बातें करे या टीवी पर खुद को चमकाने की कोशिश करे. इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि भारतीय टीम घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ संघर्ष क्यों कर रही है, तो उन्होंने सवाल पूरा होने से पहले ही पूछा, “कोच कौन था? चयन और टीम मैनेजमेंट से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने गंभीर को जिम्मेदार ठहराया. 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे श्रीसंत ने कहा, ‘कोच को बदलो टीम इंडिया को कोच नहीं, मेंटॉर की जरूरत है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘लोग कुछ भी कहें, लेकिन धोनी की मानसिकता और अपने खिलाड़ियों में उन्होंने जो भरोसा जगाया, वही टीम की सफलता की असली कुंजी थी.’
श्रीसंत का मानना है कि धोनी का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और खिलाड़ियों के साथ उनका जुड़ाव भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की आलोचना करना नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के हित में अपनी राय रखना है।
गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर पहले से ही चर्चाएं होती रही हैं। कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टीम को समय दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोग बदलाव की मांग कर रहे हैं। ऐसे माहौल में श्रीसंत का यह बयान और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर फैंस दो हिस्सों में बंटे नजर आए। एक वर्ग ने धोनी के अनुभव को देखते हुए श्रीसंत की राय का समर्थन किया, जबकि दूसरे वर्ग ने गौतम गंभीर को पर्याप्त समय देने की बात कही। कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों ने भी इस बहस में अपनी राय रखी है।
महेंद्र सिंह धोनी फिलहाल किसी आधिकारिक कोचिंग भूमिका में नहीं हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनकी लोकप्रियता और प्रभाव आज भी बरकरार है। ऐसे में उनका नाम सामने आते ही चर्चा और तेज हो गई।
फिलहाल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, श्रीसंत के इस बयान ने क्रिकेट जगत में कोचिंग और नेतृत्व को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस बयान पर गौतम गंभीर, धोनी या BCCI की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।
