बप्पा के दरबार में अडानी परिवार! 🙏 प्रणव और करण अडानी ने परिवार संग किए चिंचपोकली च्या चिंतामणी के दर्शन।

मुंबई में गणेश चतुर्थी की शुरुआत के साथ ही बप्पा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। आम लोगों से लेकर बॉलीवुड सितारों और बड़े कारोबारी परिवारों तक, हर कोई गणपति उत्सव में आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है। इसी बीच अडानी परिवार भी मुंबई के प्रसिद्ध ‘चिंचपोकली च्या चिंतामणी’ गणपति के दर्शन करने पहुंचा। अडानी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अडानी और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी अपने परिवार के साथ बप्पा के दरबार में पहुंचे। परिवार ने विधि-विधान से गणपति के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
परिवार के साथ बप्पा के दर्शन करने पहुंचे प्रणव और करण…..
गणेश चतुर्थी के मौके पर प्रणव अडानी और करण अडानी अपने परिवार के साथ चिंचपोकली के प्रसिद्ध गणपति पंडाल पहुंचे। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने बप्पा के दर्शन किए और तस्वीरें भी खिंचवाईं। प्रणव अडानी की पत्नी और बेटी भी इस दौरान उनके साथ नजर आईं। वहीं करण अडानी अपनी पत्नी के साथ दिखाई दिए। परिवार का सादा अंदाज भी लोगों का ध्यान खींचता नजर आया।
107वें साल में पहुंचा चिंचपोकली च्या चिंतामणी उत्सव…..
मुंबई का चिंचपोकली च्या चिंतामणी गणपति उत्सव अपनी ऐतिहासिक परंपरा के लिए जाना जाता है। इस साल यह उत्सव अपने 107वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह गणपति मंडल मुंबई की पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। चिंचपोकली, परेल, गिरगांव और लालबाग जैसे पुराने इलाकों की गणेशोत्सव परंपरा ने मुंबई की पहचान को खास बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रणव अडानी ने बताई साझेदारी की अहमियत…..
इस मौके पर प्रणव अडानी ने चिंचपोकली सार्वजनिक उत्सव मंडल के साथ साझेदारी को सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि 107 वर्षों की यह विरासत भक्ति, एकता और मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुकी है। उनके मुताबिक, इस तरह के आयोजन मुंबई की सांस्कृतिक धड़कन और लोगों को जोड़ने वाली भावना को मजबूत करते हैं।
लोकमान्य तिलक की परंपरा से जुड़ा है सार्वजनिक गणेशोत्सव…..
मुंबई का सार्वजनिक गणेशोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1890 के दशक में गणेशोत्सव को बड़े सार्वजनिक आयोजन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बाद महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव ने लोगों को एक मंच पर जोड़ने का काम किया और धीरे-धीरे यह परंपरा देशभर में लोकप्रिय होती गई।
मुंबई में गणेशोत्सव की खास रौनक…..
गणेश चतुर्थी के दौरान मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में भव्य पंडाल और आकर्षक गणपति प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं। लालबागचा राजा से लेकर चिंचपोकली च्या चिंतामणी तक, बड़े गणपति पंडालों में दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। अडानी परिवार का चिंचपोकली च्या चिंतामणी के दर्शन के लिए पहुंचना भी इसी उत्सवी माहौल का हिस्सा रहा। गणेश चतुर्थी के अगले कई दिनों तक मुंबई में बप्पा की भक्ति और उत्सव की रौनक देखने को मिलेगी।
