🚨 लाल किला ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा! NIA की चार्जशीट में 13 आरोपियों का जिक्र और उमर उन नबी को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच में DNA और फॉरेंसिक सबूतों से जुड़े अहम दावे भी सामने आए हैं।

लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एजेंसी ने मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में इस्तेमाल की गई कार, फॉरेंसिक सैंपल, कमांड मैकेनिज्म, डिजिटल डिवाइस और अन्य बरामदगी को महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर पेश किया गया है। NIA के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल Hyundai i20 को Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कार में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी और फॉरेंसिक जांच में विस्फोटक पदार्थों के अवशेष मिले।
DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान का दावा…..
चार्जशीट में घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों का भी उल्लेख है। NIA के अनुसार, शरीर के हिस्सों और अन्य नमूनों की DNA जांच के आधार पर कार में मौजूद व्यक्ति की पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई। जांच एजेंसी का दावा है कि इससे यह कड़ी जुड़ती है कि धमाके के समय उमर उन नबी उसी कार में मौजूद था। हालांकि, यह जांच एजेंसी की ओर से पेश किया गया दावा है, जिस पर आगे न्यायिक प्रक्रिया में विचार होगा।
लाल टेप वाले कमांड मैकेनिज्म का जिक्र…..
चार्जशीट में एक कमांड मैकेनिज्म बरामद होने की बात भी कही गई है। NIA के मुताबिक, इस उपकरण पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले। एजेंसी ने इसे धमाके में इस्तेमाल किए गए उपकरण से जोड़ते हुए अहम फॉरेंसिक सबूत बताया है।
नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट का भी कनेक्शन….
चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन से जुड़े एक अलग मामले का भी उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान एक आरोपी के किराये के ठिकाने से कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री और उससे संबंधित कई सामान बरामद किए गए थे। चार्जशीट के मुताबिक, इन बरामद वस्तुओं को जांच के लिए नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था। 14 नवंबर 2025 को थाने के परिसर में हुए विस्फोट में 9 पुलिसकर्मियों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात दस्तावेज में दर्ज है।
फॉरेंसिक जांच में विस्फोटक के अवशेष मिलने का दावा…..
NIA ने चार्जशीट में घटनास्थल से जब्त किए गए नमूनों की वैज्ञानिक जांच का भी जिक्र किया है। एजेंसी के अनुसार, कई नमूनों की जांच अलग-अलग फॉरेंसिक संस्थानों में कराई गई, जिसमें TATP के साथ अन्य रासायनिक अवशेष मिलने की बात सामने आई। NIA का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों से कथित तौर पर बरामद सामग्री को जोड़कर जांच में विस्फोटक की प्रकृति और उसके इस्तेमाल से संबंधित कड़ियों को स्थापित करने की कोशिश की गई है।
डिजिटल सबूतों और ड्रोन का भी जिक्र…..
चार्जशीट में आरोपियों की डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सबूतों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप के जरिए आपस में संपर्क किया था। जासीर बिलाल वानी से जुड़े मामले में भी चार्जशीट में ऑनलाइन खोज और ड्रोन से संबंधित गतिविधियों का जिक्र किया गया है। NIA ने इन गतिविधियों को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर शामिल किया है।
पेन ड्राइव से तस्वीरें मिलने का दावा…..
चार्जशीट के अनुसार, शाहीन सईद के पेन ड्राइव की जांच के दौरान कई तस्वीरें मिलीं। NIA का दावा है कि इनमें कुछ आरोपी हथियारों के साथ दिखाई दे रहे हैं। एजेंसी ने इन डिजिटल साक्ष्यों को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। जांच में आरोपियों के कथित संपर्कों और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े होने की भी जांच की गई है। चार्जशीट में अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से कथित संबंधों का उल्लेख किया गया है।
Signal ऐप पर कोड नेम से बातचीत का दावा…..
NIA ने आरोपियों के बीच Signal ऐप के जरिए बातचीत की बात भी चार्जशीट में दर्ज की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ आरोपी कथित तौर पर कोड नेम का इस्तेमाल कर संपर्क में थे। इसके अलावा, जांच के दौरान कुछ कट्टरपंथी साहित्य और दस्तावेज बरामद होने का भी दावा किया गया है। NIA ने इन सामग्रियों को आरोपियों की कथित विचारधारा और गतिविधियों की जांच से जोड़कर देखा है।
उमर उन नबी की मौत के कारण आरोप हुए समाप्त…..
चार्जशीट में उमर उन नबी को मामले का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताए जाने का दावा किया गया है। उसकी मौत 10 नवंबर के विस्फोट में हो गई थी। इसी वजह से उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को उसकी मृत्यु के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत समाप्त माना गया है। अब मामले में बाकी आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और जांच एजेंसी की ओर से पेश किए गए सबूतों पर अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
