गुरुग्राम में झमाझम बारिश ने एक बार फिर जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

गुरुग्राम को देश की आधुनिक और तेजी से विकसित होती सिटी के तौर पर जाना जाता है, लेकिन शनिवार की बारिश ने शहर के बुनियादी ढांचे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। शुक्रवार से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद शनिवार सुबह तेज बारिश हुई तो शहर के कई प्रमुख रास्ते पानी में डूबे नजर आए।
बारिश से मौसम जरूर सुहावना हुआ, लेकिन सड़कों पर जमा पानी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई जगह सड़क और पानी के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया।
कई प्रमुख इलाकों में जलभराव
गुरुग्राम के ओल्ड जेल कॉम्प्लेक्स, ओल्ड दिल्ली रोड, एमजी रोड, पुलिस लाइन और बस स्टैंड की ओर जाने वाली सड़क समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। सबसे ज्यादा परेशानी ओल्ड दिल्ली रोड पर दिखाई दी, जहां करीब ढाई से तीन फीट तक पानी जमा होने की स्थिति बताई गई। सड़क पर पानी भरने के कारण पहले से मौजूद गड्ढे भी दिखाई नहीं दे रहे थे। ऐसे में वाहन चालकों के लिए रास्ते से गुजरना जोखिम भरा हो गया।
सड़कों पर ज्यादा पानी जमा होने का सीधा असर वाहन चालकों पर पड़ा। कई दोपहिया वाहन पानी के बीच में ही बंद हो गए। इसके बाद लोगों को अपने वाहन पैदल धकेलकर जलभराव वाले हिस्से से बाहर निकालना पड़ा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शनिवार को छुट्टी का दिन होने की वजह से सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में ट्रैफिक कम रहा। उनका कहना है कि अगर कामकाजी दिन होता तो इन इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती थी।
बारिश ने विकास के दावों पर उठाए सवाल
गुरुग्राम में जलभराव कोई नया मुद्दा नहीं है। हर साल मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करने और बारिश के पानी की निकासी के लिए तैयारियां किए जाने की बात सामने आती है।
नगर निगम, जीएमडीए और जिला प्रशासन की ओर से जलभराव की समस्या से निपटने को लेकर तैयारियों और बैठकों का भी दावा किया जाता है। इसके बावजूद बारिश के बाद अगर प्रमुख सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो जाए, तो व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
करोड़ों के खर्च के बावजूद क्यों नहीं निकलता पानी?
बारिश के पानी की निकासी के लिए हर साल बड़े स्तर पर खर्च किए जाने की बात सामने आती है। इसके बावजूद यदि थोड़े समय की तेज बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, तो ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता और उसके रखरखाव पर सवाल उठते हैं। गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था बेहद जरूरी है। सिर्फ नई सड़कें और ऊंची इमारतें किसी शहर को आधुनिक नहीं बनातीं, बल्कि मजबूत बुनियादी ढांचा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शनिवार को छुट्टी होने के कारण सड़कों पर अपेक्षाकृत कम दबाव रहा। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यही स्थिति किसी सामान्य कार्यदिवस पर बनती तो जलभराव के साथ-साथ ट्रैफिक जाम भी बड़ी समस्या बन सकता था। खासकर एमजी रोड और ओल्ड दिल्ली रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर पानी जमा होने से हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
