1.8 करोड़ का घर बेचा, खरीदी महंगी Ducati! 😲 जानिए फाउंडर ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला....?

दुकान के को-फाउंडर सुभाष चौधरी ने मुंबई का करीब 1.8 करोड़ रुपये का घर बेचकर Ducati XDiavel खरीदी. उनके मुताबिक, इस फैसले के पीछे बाइक का शौक ही नहीं, बल्कि भारी EMI और जिंदगी को वर्तमान में जीने की सोच भी थी.
मुंबई जैसे महंगे शहर में करोड़ों रुपये का घर खरीदना किसी बड़े सपने से कम नहीं होता. लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपना 1.8 करोड़ रुपये का घर बेचकर लग्जरी बाइक खरीद ले, तो यह फैसला निश्चित तौर पर लोगों का ध्यान खींचता है. ऐसा ही मामला स्टार्टअप की दुनिया से सामने आया है, जहां दुकान के को-फाउंडर और CTO सुभाष चौधरी ने अपने इस फैसले की वजह बताई है.
2018 में खरीदा था मुंबई में घर….
सुभाष चौधरी ने साल 2018 में मुंबई में करीब 1.8 करोड़ रुपये का घर खरीदा था. हालांकि, साल 2020 में उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू किया और इसके बाद बेंगलुरु चले गए. घर मुंबई में ही रहा, लेकिन उसकी EMI की जिम्मेदारी लगातार उनके ऊपर बनी रही. चौधरी के मुताबिक, वह हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा की EMI चुका रहे थे. इस रकम का बड़ा हिस्सा ब्याज में जा रहा था. उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ेगी और यह निवेश फायदे का सौदा साबित होगा.
घर था मुंबई में, जिंदगी बेंगलुरु में….
समस्या यह थी कि चौधरी मुंबई वाले घर में बहुत कम समय बिता पाते थे. उनका काम और रोजमर्रा की जिंदगी बेंगलुरु में थी. ऐसे में उन्हें लगातार यह महसूस होने लगा कि जिस प्रॉपर्टी के लिए वह लंबे समय तक EMI चुका रहे हैं, उसका इस्तेमाल उनकी जिंदगी में बहुत कम हो रहा है. स्टार्टअप बनाने के दौरान काम का दबाव और आर्थिक जिम्मेदारियों ने भी उनकी परेशानी बढ़ाई. इसी बीच उन्होंने इस बारे में सोचना शुरू किया कि क्या इतने लंबे समय तक सिर्फ भविष्य के लिए निवेश बनाए रखना सही फैसला है.
20 साल के लोन से बाहर निकलने का फैसला….
चौधरी के सामने करीब 20 साल तक होम लोन की EMI चुकाने का विकल्प था. लेकिन उन्होंने आखिरकार मुंबई का घर बेचने का फैसला किया. उनके मुताबिक, यह निर्णय केवल आर्थिक गणित से जुड़ा नहीं था, बल्कि वह अपनी जिंदगी को सिर्फ भविष्य के भरोसे नहीं छोड़ना चाहते थे. घर बेचने के बाद उन्होंने अपनी पसंद की Ducati XDiavel खरीदी.
क्यों खरीदी Ducati XDiavel….?
Ducati XDiavel एक प्रीमियम और हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकिल है. चौधरी के लिए यह सिर्फ एक महंगी बाइक नहीं, बल्कि तनावपूर्ण जिंदगी के बीच अपने लिए समय निकालने का जरिया भी बनी. उन्होंने बताया कि बाइक चलाने से उन्हें काफी राहत महसूस होती है. खासकर बेंगलुरु की सड़कों पर बाइक राइडिंग उनके लिए एक अलग अनुभव रहा.
‘हर खुशी को भविष्य के लिए टालना सही नहीं’….
चौधरी के फैसले का सबसे अहम पहलू उनकी सोच है. उनका मानना है कि जिंदगी में भविष्य के लिए बचत और निवेश जरूरी हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि इंसान अपनी वर्तमान खुशियों को लगातार टालता रहे. उनके मुताबिक, असली गलती बाइक खरीदना नहीं, बल्कि हर खुशी को भविष्य के लिए टालते रहना हो सकता है. अगर इंसान आज के समय को पूरी तरह जी ही नहीं पाता, तो बाद में परिस्थितियां बदलने पर पछतावा भी हो सकता है.
क्या घर बेचकर बाइक खरीदना सही फैसला है….?
यह फैसला हर व्यक्ति के लिए सही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. किसी के लिए घर एक महत्वपूर्ण संपत्ति और सुरक्षित निवेश हो सकता है, जबकि किसी दूसरे व्यक्ति के लिए लगातार EMI और कम इस्तेमाल होने वाली प्रॉपर्टी आर्थिक बोझ बन सकती है. सुभाष चौधरी का मामला उनकी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति, जरूरतों और प्राथमिकताओं से जुड़ा है. इसलिए इसे सभी लोगों के लिए वित्तीय सलाह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
निष्कर्ष : 1.8 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी बेचकर Ducati खरीदने का सुभाष चौधरी का फैसला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसके पीछे सिर्फ लग्जरी बाइक का शौक नहीं, बल्कि EMI के दबाव से निकलने और वर्तमान जिंदगी को महत्व देने की उनकी सोच भी बताई गई है…..
