एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में क्या है प्याज का भाव? 🧅 जानिए आज के थोक और खुदरा रेट से जुड़ी पूरी जानकारी।

प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित किया है। महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव मंडी को एशिया की सबसे बड़ी प्याज थोक मंडियों में गिना जाता है। यहां अगस्त 2026 में प्याज के थोक भाव करीब 40 से 42 रुपये प्रति किलो बताए जा रहे हैं।
प्याज भारतीय रसोई की सबसे जरूरी सब्जियों में से एक है। सब्जी, दाल, सलाद से लेकर कई व्यंजनों तक में इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में प्याज के दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। इस समय देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इसी बीच लोगों के मन में सवाल है कि एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी कहां है और वहां प्याज का क्या भाव चल रहा है?
महाराष्ट्र में है एशिया की बड़ी प्याज मंडी….
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव प्याज के बड़े थोक बाजार के रूप में देश ही नहीं, बल्कि एशिया में भी अपनी खास पहचान रखता है। लासलगांव मंडी में बड़ी मात्रा में प्याज की आवक होती है और यहां होने वाली नीलामी एवं थोक कारोबार का असर प्याज के बाजार भाव पर भी पड़ता है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है और नासिक क्षेत्र प्याज की खेती के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
लासलगांव मंडी में कितना है प्याज का भाव….?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त 2026 में लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव करीब 40 से 42 रुपये प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। इस हिसाब से एक क्विंटल यानी 100 किलो प्याज की कीमत लगभग 4,000 से 4,251 रुपये तक हो सकती है। हालांकि, मंडी में वास्तविक भाव प्याज की क्वालिटी, आकार, किस्म और उस दिन की आवक के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि थोक मंडी का भाव और खुदरा बाजार में मिलने वाली कीमत अलग होती है। परिवहन, भंडारण, कमीशन और अन्य खर्च जुड़ने के बाद ग्राहकों को प्याज अधिक कीमत पर मिल सकता है।
खुदरा बाजार में 55-60 रुपये किलो तक भाव….
कई जगहों पर प्याज की खुदरा कीमत करीब 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर का एक कारण मंडी से बाजार तक पहुंचने में होने वाली लागत भी है। अलग-अलग शहरों और बाजारों में प्याज के भाव अलग हो सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम….?
प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख है कई राज्यों में हुई भारी बारिश। लगातार बारिश और खराब मौसम का असर प्याज की फसल और उसकी सप्लाई पर पड़ा है। इसके अलावा मंडियों में आवक कम होने से बाजार में उपलब्ध प्याज की मात्रा प्रभावित हुई है। वहीं त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और कुछ जगहों पर स्टॉक कम होने से भी कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
प्याज महंगा होने की प्रमुख वजहें :-
- कई राज्यों में भारी बारिश से फसल को नुकसान
- मंडियों में प्याज की आवक में कमी
- बाजार में उपलब्ध स्टॉक कम होना
- त्योहारों के दौरान मांग बढ़ना
- परिवहन और भंडारण से जुड़ी लागत
आगे क्या हो सकता है प्याज का भाव….?
प्याज की कीमतें मुख्य रूप से आवक, उत्पादन, मौसम, स्टॉक और मांग पर निर्भर करती हैं। अगर मंडियों में प्याज की आवक बढ़ती है और सप्लाई सामान्य होती है तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। वहीं खराब मौसम या सप्लाई में कमी बनी रहने पर दाम ऊंचे रह सकते हैं। इसलिए किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए मंडी और स्थानीय बाजार के ताजा भाव पर नजर रखना जरूरी है।
