ईरान में पेट्रोल की कीमतों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है. सब्सिडी वाला कोटा खत्म होने के बाद पेट्रोल की कीमत करीब 59,000 रियाल प्रति लीटर तक पहुंच रही है. जानिए ईरान में पेट्रोल के नए रेट और सरकार के कोटे की पूरी कहानी.....

दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल ईरान में पेट्रोल की कीमत भारतीय रुपये में बेहद कम दिखाई देती है. लेकिन कमजोर ईरानी मुद्रा और बढ़ती महंगाई के कारण स्थानीय लोगों के लिए ईंधन की कीमत बड़ा बोझ बनती जा रही है…..
ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है. इसके बावजूद देश में ईंधन की कीमतों और उपलब्धता को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान में महंगाई और ईंधन की कमी की समस्या गंभीर होती जा रही है. खुले बाजार में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 59,000 से 60,000 ईरानी रियाल तक पहुंच गई है. भारतीय मुद्रा में यह लगभग 4 रुपये प्रति लीटर के आसपास बैठती है. पहली नजर में यह कीमत भारतीय ग्राहकों को बेहद सस्ती लग सकती है, लेकिन ईरान की कमजोर करेंसी और स्थानीय आय को देखते हुए वहां के लोगों के लिए स्थिति काफी अलग है.
1 लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 59 हजार रियाल….
ईरान में पेट्रोल की आधिकारिक कीमतों की व्यवस्था सामान्य बाजार से अलग है. अलग-अलग कोटे के तहत लोगों को अलग कीमत पर ईंधन मिलता है. खुले बाजार में पेट्रोल की कीमत करीब 59,000 से 60,000 रियाल प्रति लीटर बताई जा रही है. डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कमजोर स्थिति के कारण बड़ी संख्या में रियाल होने के बावजूद भारतीय रुपये में इसकी कीमत काफी कम दिखाई देती है. यही वजह है कि केवल रुपये में कीमत देखकर ईरान में पेट्रोल को सस्ता समझना सही तस्वीर नहीं देता.
सरकार देती है भारी सब्सिडी….
ईरान में आम नागरिकों को पेट्रोल पर सब्सिडी भी दी जाती है. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, हर महीने पहले 60 लीटर पेट्रोल के लिए सबसे ज्यादा सब्सिडी मिलती है. इस कोटे के तहत पेट्रोल की कीमत करीब 15,000 रियाल प्रति लीटर है. इसके बाद दूसरे कोटे में भी पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता है. पहले यह दूसरा कोटा 100 लीटर का था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे घटाकर 50 लीटर किए जाने की जानकारी सामने आई है. इस दूसरे कोटे में पेट्रोल की कीमत करीब 30,000 रियाल प्रति लीटर बताई जा रही है.
110 लीटर का कोटा खत्म होने के बाद बढ़ जाती है कीमत….
अगर 60 लीटर के पहले कोटे और 50 लीटर के दूसरे कोटे को जोड़ें तो कुल 110 लीटर पेट्रोल सब्सिडी वाले कोटे में आता है. जब यह सीमा पूरी हो जाती है, तो ग्राहक को खुले बाजार से पेट्रोल खरीदना पड़ता है. ऐसे में कीमत करीब 59,000-60,000 रियाल प्रति लीटर तक पहुंच जाती है. यानी ईरान में पेट्रोल की कीमत इस बात पर भी निर्भर करती है कि ग्राहक ने अपने निर्धारित मासिक कोटे का कितना इस्तेमाल किया है.
महंगाई भी बन रही है बड़ी समस्या….
ईरान इस समय आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महंगाई दर करीब 40 से 50 फीसदी के बीच बताई जा रही है. दूसरी तरफ स्थानीय लोगों की आमदनी उसी गति से नहीं बढ़ रही है. ऐसे में पेट्रोल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है.
पेट्रोल कोटे में और कटौती की तैयारी….?
ईंधन की कमी और रिफाइनरी से जुड़ी समस्याओं के बीच सरकार पेट्रोल कोटे की समीक्षा कर रही है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के चीफ ऑफ स्टाफ मोसेन हाजी-मिर्जाई की ओर से 24 अगस्त को दिए गए बयान के मुताबिक, ईंधन घाटे और रिफाइनरी से जुड़ी चुनौतियों के कारण कोटे में आगे और कटौती की संभावना है. अगर सब्सिडी वाला कोटा कम किया जाता है या पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर आम ईरानी नागरिकों पर पड़ सकता है.
भारत से तुलना करें तो क्या तस्वीर है….?
भारतीय रुपये में ईरान का पेट्रोल करीब 4 रुपये प्रति लीटर सुनने में बेहद सस्ता लगता है. लेकिन दोनों देशों की करेंसी, आय, महंगाई और सब्सिडी व्यवस्था अलग है. ईरान की करेंसी की कमजोरी के कारण वहां पेट्रोल की कीमत को सिर्फ भारतीय रुपये में बदलकर देखना वास्तविक आर्थिक बोझ को नहीं बताता. स्थानीय नागरिक के लिए 59,000 रियाल प्रति लीटर काफी बड़ी रकम हो सकती है…..
