8th Pay Commission की तैयारी तेज! 📢 आयोग ने 23 कंसल्टेंट पदों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। जानिए किस कैटेगरी में कितने पद और क्या है योग्यता।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने अपने कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए कंसल्टेंट्स की नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। आयोग ने कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किए जाने वाले कंसल्टेंट्स के लिए नई योग्यता, अनुभव, उम्र सीमा और पदों की संख्या से जुड़ी गाइडलाइंस जारी की हैं। नई व्यवस्था के तहत कंसल्टेंट्स को तीन कैटेगरी में बांटा गया है—सीनियर कंसल्टेंट, कंसल्टेंट और यंग प्रोफेशनल। इन तीनों कैटेगरी में कुल 23 पदों पर नियुक्ति की जा सकती है। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन नियुक्तियों का संबंध आयोग के स्टाफ और कामकाज से है। इस नोटिफिकेशन में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
तीन कैटेगरी में होगी कंसल्टेंट्स की नियुक्ति….:-
8वें वेतन आयोग ने कंसल्टेंट पदों के लिए अनुभव और उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग कैटेगरी तय की हैं।
1. सीनियर कंसल्टेंट…
सीनियर कंसल्टेंट पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम 10 साल का अनुभव होना चाहिए। इस कैटेगरी में अधिकतम उम्र सीमा 45 साल तय की गई है। आयोग के नए नियमों के मुताबिक, सीनियर कंसल्टेंट के अधिकतम 2 पद हो सकते हैं। पहले इन पदों की संख्या 5 तक रखी गई थी, जिसे अब घटाकर 2 किया गया है।
2. कंसल्टेंट…
कंसल्टेंट कैटेगरी के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 6 साल का अनुभव जरूरी है। इस पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा 40 साल रखी गई है। इस कैटेगरी में अधिकतम 5 कंसल्टेंट नियुक्त किए जा सकते हैं।
3. यंग प्रोफेशनल…
यंग प्रोफेशनल कैटेगरी में कम से कम 2 साल का संबंधित अनुभव रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा 32 साल निर्धारित की गई है। इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा 16 कंसल्टेंट नियुक्त किए जा सकते हैं। पहले इनकी अधिकतम संख्या 10 थी, जिसे बढ़ाकर 16 किया गया है। तीनों कैटेगरी के लिए उम्र और अनुभव की गणना की कट-ऑफ तारीख 1 अगस्त 2026 रखी गई है।
कौन कर सकता है आवेदन….?
आयोग की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, ह्यूमन रिसोर्स, इंडस्ट्रियल रिलेशंस या संबंधित विषयों में मास्टर डिग्री या MBA करने वाले उम्मीदवार इन पदों के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके अलावा LL.B डिग्री वाले उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। हालांकि, ऐसे उम्मीदवारों के पास लीगल रिसर्च या ट्रिब्यूनल और कोर्ट से जुड़े मामलों को संभालने का अनुभव होना जरूरी है। वहीं, B.Tech और M.Tech डिग्री वाले उम्मीदवार भी कुछ निर्धारित क्षेत्रों में आवेदन कर सकते हैं। खासतौर पर IT, डेटा एनालिसिस और डेटा विजुअलाइजेशन में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
रिसर्च और डेटा से जुड़े कौशल भी जरूरी….
कंसल्टेंट पदों के लिए सिर्फ डिग्री और अनुभव ही पर्याप्त नहीं होगा। आयोग ने रिसर्च करने, जरूरी जानकारी जुटाने और उसे व्यवस्थित करने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना है। इसके अलावा उम्मीदवारों से ड्राफ्ट नोट तैयार करने, डेटा के साथ काम करने और रिपोर्ट तैयार करने की क्षमता की अपेक्षा की गई है। सभी कैटेगरी के लिए Excel या अन्य स्प्रेडशीट टूल्स के इस्तेमाल और प्रेजेंटेशन या स्लाइड डेक तैयार करने का अनुभव भी जरूरी बताया गया है।
फुल टाइम काम करना होगा….
चयनित कंसल्टेंट्स को आयोग के साथ फुल टाइम आधार पर काम करना होगा। अपने कार्यकाल के दौरान वे किसी अन्य संस्था या अलग असाइनमेंट से नहीं जुड़ सकेंगे। यह नियुक्तियां पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड होंगी। आयोग की शर्तों के अनुसार, जरूरत के मुताबिक अनुबंध को समाप्त भी किया जा सकता है।
क्या 8th Pay Commission में सैलरी बढ़ने वाली है….?
कंसल्टेंट्स की भर्ती से जुड़ी नई गाइडलाइंस को लेकर कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर चर्चा बढ़ सकती है। लेकिन फिलहाल इस नोटिफिकेशन को कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन में बढ़ोतरी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। यह नियम मुख्य रूप से आयोग के कामकाज के लिए विशेषज्ञों और प्रोफेशनल्स की नियुक्ति से संबंधित हैं। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर जैसे मुद्दों पर अंतिम बदलाव आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होंगे।
कुल 23 पदों पर नियुक्ति….
नई व्यवस्था के अनुसार तीनों कैटेगरी में अधिकतम नियुक्तियों को जोड़ें तो कुल 23 कंसल्टेंट पद बनते हैं।
- सीनियर कंसल्टेंट: 2 पद
- कंसल्टेंट: 5 पद
- यंग प्रोफेशनल: 16 पद
इस तरह 8वें वेतन आयोग ने अपने काम के लिए अलग-अलग अनुभव और विशेषज्ञता वाले प्रोफेशनल्स को जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
