जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं? कमजोरी और चक्कर से बचने के लिए डाइट का रखें खास ध्यान!

जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में व्रत रखते हैं। कोई निर्जला उपवास करता है तो कोई फलाहार या सात्विक भोजन के साथ व्रत पूरा करता है। लंबे समय तक कुछ न खाने की वजह से कुछ लोगों को कमजोरी, थकान, सिरदर्द या चक्कर जैसी परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में व्रत के दौरान सही चीजों का चुनाव करना जरूरी है।
अगर आप भी जन्माष्टमी का व्रत रखने जा रहे हैं और चाहते हैं कि पूजा-पाठ के साथ आपकी एनर्जी भी बनी रहे, तो फल, मखाना, दही, साबूदाना और कुट्टू जैसी चीजों को अपनी व्रत की डाइट में शामिल कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति के लिए व्रत का तरीका एक जैसा नहीं होता, इसलिए अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार भोजन चुनना बेहतर है।
व्रत शुरू करने से पहले क्या खाएं?
अगर आप दिनभर व्रत रखने वाले हैं तो व्रत शुरू करने से पहले बहुत ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन करने से बचें। इसकी जगह हल्का और पौष्टिक खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। सुबह के समय फल, दही, दूध, थोड़े ड्राई फ्रूट्स या हल्का सात्विक भोजन लिया जा सकता है। इससे लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है और शरीर को ऊर्जा भी मिलती है।
व्रत में फल सबसे आसान और पौष्टिक विकल्पों में शामिल हैं। केला तुरंत ऊर्जा देने में मदद कर सकता है, जबकि सेब और अनार जैसे फल शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। पपीता भी एक विकल्प हो सकता है। फल एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाय जरूरत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेना बेहतर रहता है।
मखाना हो सकता है अच्छा स्नैक
व्रत के दौरान भूख लगने पर मखाना खाया जा सकता है। इसे हल्का भूनकर लिया जा सकता है। इसमें प्रोटीन और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। हालांकि मखाने को बहुत ज्यादा घी या चीनी के साथ खाने से बचना चाहिए। हल्का भुना हुआ मखाना व्रत के दौरान एक आसान स्नैक हो सकता है। साबूदाना व्रत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक है। साबूदाना खिचड़ी या हल्के तरीके से तैयार किया गया साबूदाना शरीर को कार्बोहाइड्रेट उपलब्ध कराता है। लेकिन साबूदाना वड़ा जैसी चीजों को ज्यादा तेल में तलकर खाने से बचना बेहतर है। ज्यादा तेल वाला खाना व्रत के दौरान पेट में भारीपन और असहजता पैदा कर सकता है।
कुट्टू का आटा भी है विकल्प
व्रत में कुट्टू के आटे से बनी रोटी, चीला या अन्य व्यंजन खाए जाते हैं। कुट्टू में फाइबर और प्रोटीन भी पाया जाता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि कुट्टू की पूड़ी या अन्य व्यंजन बहुत ज्यादा तेल में तलने के बजाय कम तेल में बनाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अगर आप निर्जला व्रत नहीं रख रहे हैं तो पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लिए जा सकते हैं। दही भी व्रत के दौरान एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि जिन लोगों को डेयरी उत्पादों से परेशानी होती है, उन्हें अपनी सहनशीलता के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।
ड्राई फ्रूट्स थोड़ी मात्रा में लें
बादाम, अखरोट, किशमिश और दूसरे ड्राई फ्रूट्स कम मात्रा में लिए जा सकते हैं। इनमें ऊर्जा और कई पोषक तत्व होते हैं। लेकिन ड्राई फ्रूट्स को जरूरत से ज्यादा खाने से कैलोरी और पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए मुट्ठी भर से अधिक खाने के बजाय सीमित मात्रा में सेवन करना बेहतर है।
व्रत में इन गलतियों से बचें
व्रत के दौरान सिर्फ इसलिए ज्यादा तला-भुना खाना सही नहीं है क्योंकि वह फलाहार की श्रेणी में आता है। साबूदाना वड़ा, आलू की तली हुई चीजें, ज्यादा घी वाली पूड़ी और मीठे व्यंजन अधिक मात्रा में खाने से पेट भारी हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक कुछ न खाने के बाद अचानक बहुत ज्यादा भोजन करने से भी बचना चाहिए।
व्रत खोलते समय रखें खास ध्यान
लंबे उपवास के बाद सीधे भारी भोजन करने के बजाय धीरे-धीरे खाना शुरू करें। सबसे पहले पानी, नारियल पानी, फल या कोई हल्का भोजन लिया जा सकता है। इसके बाद अपनी सामान्य डाइट की ओर लौटें। अगर व्रत के दौरान बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार चक्कर, बेहोशी, उलझन, सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों तो व्रत जारी रखने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
किन लोगों को व्रत में ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए लंबे समय तक उपवास करना सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और डायबिटीज, किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, दवा या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डाइट या उपवास से जुड़ा निर्णय लेने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।
