इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने भारत के खिलाफ शानदार 76 रनों की पारी खेली।

भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टी20 सीरीज में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जैकब बेथेल ने दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 76 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर बेथेल ने क्या कहा?
दूसरे टी20 मुकाबले के बाद जैकब बेथेल से वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि उनके लिए यह थोड़ा अजीब अनुभव है कि वह अपने से सात साल छोटे खिलाड़ी के खिलाफ खेल रहे हैं।
बेथेल ने कहा कि उन्होंने भारत में बल्लेबाजी करते हुए वैभव को देखा है और वह काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी तकनीक और शॉट खेलने की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि इस युवा खिलाड़ी में काफी संभावनाएं हैं।
वैभव सूर्यवंशी ने अपने इंटरनेशनल डेब्यू मुकाबले में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए थे। अपनी छोटी सी पारी में उन्होंने दो शानदार छक्के भी लगाए, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक देखने को मिली।
बेथेल ने खेली मैच जिताऊ पारी
भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 76 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत इंग्लैंड ने मुकाबले में जीत हासिल की और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
बेथेल ने बताया कि यह पारी उनके लिए बेहद खास है क्योंकि टीम की जीत में योगदान देना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई शतक लगाए हैं, लेकिन हर बड़ी पारी जीत के साथ नहीं आई। इसलिए किसी मुकाबले में नाबाद रहकर टीम को जीत दिलाना उनके लिए बेहद यादगार है।
जैकब बेथेल ने कहा कि भारत के खिलाफ जीत हासिल करना हमेशा खास महसूस होता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ मुकाबलों में इंग्लैंड को भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि ऐसी हार के बाद खिलाड़ी सोचते हैं कि टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन को बेहतर कैसे किया जा सकता है। भारत के खिलाफ जीत से उन्हें आगामी मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास मिला है। बेथेल ने कहा कि दूसरे टी20 में मिली जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले मुकाबलों में भी इंग्लैंड अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा। उनकी 76 रनों की पारी ने न सिर्फ इंग्लैंड को जीत दिलाई बल्कि यह भी दिखाया कि युवा खिलाड़ी बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता रखते हैं।
