असम बाढ़: अनुपम खेर ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 लाख रुपये किए दान, पीड़ितों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ....

असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर आगे आए हैं। अभिनेता ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 लाख रुपये का आर्थिक योगदान देकर राहत और पुनर्वास कार्यों में सहयोग किया है। उनका यह कदम प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हजारों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजी आर्थिक सहायता….
जानकारी के अनुसार, अनुपम खेर ने आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से 5 लाख रुपये सीधे असम मुख्यमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर किए। इस राशि का उपयोग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
पहले भी की थी मदद की अपील….
दान करने से कुछ दिन पहले अनुपम खेर ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों से असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य में आई बाढ़ ने हजारों परिवारों का जीवन प्रभावित किया है और ऐसे समय में सभी को अपनी क्षमता के अनुसार मदद के लिए आगे आना चाहिए।
‘छोटी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत’
अनुपम खेर ने लोगों से आग्रह किया था कि छोटी से छोटी आर्थिक सहायता भी उन परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद बन सकती है, जो बाढ़ के कारण अपना घर, सामान और आजीविका खो चुके हैं। उनका मानना है कि आपदा की घड़ी में समाज का साथ और सहयोग सबसे बड़ी ताकत होता है।
लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं अनुपम खेर….
अनुपम खेर विभिन्न सामाजिक और मानवीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संस्था के माध्यम से समय-समय पर जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए कई पहल की जाती रही हैं। असम बाढ़ राहत कोष में दिया गया यह योगदान भी उसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा माना जा रहा है।
असम में जारी है राहत और पुनर्वास अभियान….
असम के कई जिले इस समय गंभीर बाढ़ की चपेट में हैं। लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। राज्य सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
निष्कर्ष….
अनुपम खेर का यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। ऐसे समय में जब हजारों परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, उनका यह कदम अन्य लोगों को भी राहत कार्यों में सहयोग करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
