SIR विवाद पर विपक्ष का बड़ा हमला। TMC सांसद सागरिका घोष ने BJP पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर का आरोप लगाया। 23 विपक्षी दलों ने CJI को पत्र लिखकर न्यायिक हस्तक्षेप और जांच की मांग की।

पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर 23 विपक्षी दलों ने एकजुट होकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।
सागरिका घोष ने लगाए गंभीर आरोप
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में सागरिका घोष ने कहा कि गैर-एनडीए विपक्ष पूरी तरह एकजुट है और सभी दलों को आशंका है कि SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल सत्तारूढ़ दल को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र
सागरिका घोष के अनुसार, 23 विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा है। पत्र में सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया गया है कि वह SIR प्रक्रिया के संचालन और उससे जुड़े आरोपों पर ध्यान दे तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बना रहे और चुनाव पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।
‘चुनावी प्रक्रिया में हो रही है हेरफेर’
टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि चुनाव, मतदान और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि विपक्ष ने इस मुद्दे को न्यायपालिका के समक्ष उठाने का फैसला किया है।
उनका कहना था कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है, जिससे इस मुद्दे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कई विपक्षी दल हुए शामिल
सागरिका घोष ने बताया कि इससे पहले 8 जून को 21 विपक्षी दलों की बैठक हुई थी, जिसमें SIR प्रक्रिया का संयुक्त रूप से विरोध करने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि बाद में आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) भी इस पहल में शामिल हुए और मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्र पर हस्ताक्षर किए। उनके मुताबिक, सभी गैर-एनडीए दल इस मुद्दे पर मिलकर काम कर रहे हैं।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर बढ़ी सियासत
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष जहां इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, वहीं इस मुद्दे पर आगे क्या कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
फिलहाल विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मामला न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
