
मुंबई, 6 फरवरी – मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म के टाइटल को लेकर देश के विभिन्न वर्गों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इस विवाद में भाजपा सांसद और अभिनेता मनोज तिवारी, आचार्य प्रमोद कृष्णम, और शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने फिल्म के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट किया है।
भाजपा सांसद और अभिनेता मनोज तिवारी ने कहा, “फिल्म का विरोध होना स्वाभाविक है। किसी भी जाति या समुदाय के खिलाफ इस तरह के शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है। भारत का संविधान किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाने की अनुमति नहीं देता। यदि फिल्म से किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तो निर्माताओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने फिल्म के टाइटल को पाप के समान बताते हुए कहा, “किसी समुदाय को जानबूझकर निशाना बनाकर फिल्म बनाना समाज में विभाजन पैदा करने जैसा है। यह साजिश का हिस्सा हो सकता है।”
शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने भी फिल्म पर कड़ा रुख अपनाया और कहा, “ऐसी फिल्में केवल चर्चा और प्रचार पाने के लिए बनाई जा रही हैं। देश में भाईचारे को मजबूत करने के बजाय ये समाज में गलत माहौल बनाती हैं। भारत सरकार को इस फिल्म पर तत्काल पाबंदी लगानी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि पहले फिल्मों का उद्देश्य समाज को सकारात्मक संदेश देना था, लेकिन अब कुछ निर्माता विवादित तरीके अपनाकर लोकप्रियता और प्रचार हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
