
नई दिल्ली, 11 मार्च। कच्चे तेल की कीमत में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गई। माना जा रहा है कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) द्वारा इमरजेंसी रिजर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव की खबरों का बाजार पर असर पड़ा है।
आईईए इमरजेंसी रिजर्व से आपूर्ति पर विचार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद बढ़ी कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आईईए इमरजेंसी रिजर्व से तेल जारी करने पर विचार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित आपूर्ति 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जारी किए गए 182 मिलियन बैरल के रिजर्व से भी अधिक हो सकती है।
जी7 देशों ने आईईए से ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया है।
ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में गिरावट
इन खबरों के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.99 प्रतिशत गिरकर 86.93 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) वायदा 0.75 प्रतिशत गिरकर 82.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़े थे दाम
हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। उस दौरान ब्रेंट क्रूड में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
होर्मुज जलडमरूमध्य मध्य पूर्व का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है।
ट्रंप के बयान से भी बाजार पर असर
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की एक वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी माना जा रहा है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच संघर्ष अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और समाधान के स्पष्ट संकेत अभी तक नहीं मिले हैं।
होर्मुज में बारूदी सुरंगों को लेकर चेतावनी
इस बीच खबरें सामने आई हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर ईरान ने वहां सुरंगें बिछाई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करना “सही दिशा में एक बड़ा कदम” होगा।
