आरा में घर में घुसकर समाजसेवी मोहम्मद जफी की गोली मारकर हत्या। मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूटा और हाईवे जाम कर गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग की गई।

भोजपुर के गड़हनी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां हथियारबंद बदमाशों ने घर में घुसकर सामाजिक कार्यों से जुड़े मोहम्मद जफी को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल जफी को इलाज के लिए आरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जफी की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। शनिवार सुबह लोगों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान टायर जलाकर आगजनी भी की गई। ग्रामीण आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करने से जुड़ा विवाद…..
मृतक की पहचान इस्लामगंज निवासी मोहम्मद जफी (48) के रूप में हुई है। वह पेशे से चालक थे और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए थे। परिवार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव में कथित तौर पर मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। जफी ने इसका विरोध किया था और गांव में इस गतिविधि पर रोक लगाने की मांग की थी। जफी के चचेरे भाई मोहम्मद अमन के अनुसार, बुधवार को पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में इस मुद्दे को लेकर बैठक भी हुई थी। बैठक में जफी ने कथित रूप से गांव में मादक पदार्थों की बिक्री रोकने की मांग रखी थी। पुलिस शुरुआती जांच में इस विवाद को हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है।
घर में घुसकर तीन लोगों ने किया हमला…..
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार शाम जफी अपने घर की रसोई में मौजूद थे। इसी दौरान तीन हथियारबंद लोग कथित तौर पर घर में घुस आए। बताया गया है कि हमलावरों ने मादक पदार्थों की बिक्री बंद कराने को लेकर जफी से सवाल-जवाब किया। इसके बाद उन पर गोली चला दी गई। गोली लगने से जफी के बाएं हाथ और पेट में गंभीर चोट आई। घटना के बाद घर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन आनन-फानन में घायल जफी को इलाज के लिए आरा के बाबू बाजार स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
इलाज के दौरान हुई मौत……
अस्पताल में डॉक्टरों ने जफी का इलाज शुरू किया। सर्जन डॉ. विकास सिंह के अनुसार, गोली पेट के निचले हिस्से में फंस गई थी और काफी खून बह चुका था। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। देर रात इलाज के दौरान जफी ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर सामने आने के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
घटनास्थल से तीन खोखे और मैगजीन बरामद…..
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से तीन खोखे और एक मैगजीन बरामद की गई है। पुलिस अब वारदात के पीछे की वजह, हमलावरों की पहचान और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में मादक पदार्थों की बिक्री को लेकर दो दिन पहले हुई बैठक और उसके बाद पैदा हुए विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी तक हत्या के पीछे की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मौत के बाद ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम…..
जफी की मौत के बाद शनिवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर गड़हनी बाजार के पास आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही परिवार को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। हाईवे जाम होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस जांच पर टिकी नजर…..
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस हत्या की वजह के साथ-साथ आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है। परिजनों और ग्रामीणों की ओर से मादक पदार्थों की बिक्री के विरोध को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। मोहम्मद जफी की हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल है और ग्रामीण आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब पुलिस की कार्रवाई और जांच के अगले कदम पर सभी की नजरें हैं।
